Chapter 4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था (Globalization and the Indian Economy) Class 10 NCERT Economic

 

यह अध्याय
वैश्वीकरण और भारत की अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभावों को विस्तार से समझाता है
,
विशेषकर व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में।

Chapter 4: वैश्वीकरण और भारतीय
अर्थव्यवस्था (
Globalization and the Indian Economy)

Class 10 NCERT Economics – आर्थिक विकास की समझ | Questions
Answers

Updated for 2024-2025 Exams

वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

  1. वैश्वीकरण की
    परिभाषा (
    Globalization
    Definition)
    • विभिन्न
      देशों के बीच व्यापार
      , निवेश, तकनीक और विचारों का आदान-प्रदान।
    • विश्व स्तर
      पर अर्थव्यवस्थाओं का आपस में जुड़ाव।
  2. वैश्वीकरण के
    घटक (
    Components
    of Globalization)
    • व्यापार (Trade):
      • आयात और
        निर्यात का विस्तार।
      • अन्य देशों
        से माल और सेवाओं का आदान-प्रदान।
    • निवेश (Investment):
      • विदेशी
        कंपनियों द्वारा प्रत्यक्ष निवेश (
        FDI)
      • बहुराष्ट्रीय
        कंपनियों (
        MNCs) का भारतीय
        बाजार में प्रवेश।
    • प्रौद्योगिकी
      (
      Technology):
      • वैश्विक
        तकनीकी नवाचार का भारतीय उद्योगों में उपयोग।
      • संचार, उत्पादन, और सेवाओं में प्रगति।
  3. भारतीय
    अर्थव्यवस्था पर प्रभाव (
    Impact on Indian Economy)
    • कृषि
      क्षेत्र (
      Agriculture):
      • नई तकनीक
        और बीजों का उपयोग।
      • वैश्विक
        बाजारों में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धा।
    • उद्योग
      क्षेत्र (
      Industries):
      • विदेशी
        निवेश और उत्पादन क्षमता में वृद्धि।
      • भारतीय
        उद्योगों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी।
    • सेवा
      क्षेत्र (
      Services):
      • आईटी और
        सेवा उद्योगों में वैश्विक पहुंच का विस्तार।
      • आउटसोर्सिंग
        सेवाओं का विकास।
  4. महत्वपूर्ण
    शब्द (
    Key
    Terms):
    • उदारीकरण (Liberalization):
      • व्यापार, निवेश, और उद्योग के नियमों को आसान
        बनाना।
    • निजीकरण (Privatization):
      • सरकारी
        कंपनियों का निजीकरण और बाजार में खुलापन।
    • बहुराष्ट्रीय
      कंपनियाँ (
      MNCs):
      • भारत में
        विदेशी कंपनियों का निवेश और संचालन।
    • सरकारी
      नीतियाँ (
      Government
      Policies):
      • उदारीकरण
        और वैश्वीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियाँ।
      • कर सुधार
        और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के प्रयास।
  5. वैश्वीकरण के
    लाभ (
    Benefits
    of Globalization):
    • विदेशी
      निवेश में वृद्धि।
    • नई तकनीक और
      रोजगार के अवसर।
    • उपभोक्ताओं
      को अधिक विकल्प।
  6. वैश्वीकरण की
    चुनौतियाँ (
    Challenges
    of Globalization):
    • स्थानीय उद्योगों
      पर प्रतिकूल प्रभाव।
    • आयात पर
      निर्भरता बढ़ना।
    • असमानता और
      ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कमी।

समग्र विश्लेषण (Overall Impact):

  • वैश्वीकरण ने
    भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया
    , लेकिन इसके साथ ही चुनौतियाँ भी आईं
    जैसे कि असमानता और स्थानीय उद्योगों का संकट।
  1. प्रश्न: वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? अपने शब्दों में स्पष्ट करें।
    उत्तर: वैश्वीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है
    जिसमें दुनिया के विभिन्न देश व्यापार
    , निवेश, तकनीक और संस्कृति के आदान-प्रदान के माध्यम से
    एक-दूसरे से जुड़ते हैं। यह देशों के बीच आर्थिक
    , सामाजिक और राजनीतिक संबंधों को
    मजबूत करता है।


  1. प्रश्न: भारत सरकार द्वारा विदेशी व्यापार
    और विदेशी निवेश पर प्रतिबंध लगाने के क्या कारण थे
    ? सरकार इन प्रतिबंधों को क्यों हटाना
    चाहती थी
    ?
    उत्तर: भारत सरकार ने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा
    के लिए विदेशी व्यापार और निवेश पर प्रतिबंध लगाए थे। इसका उद्देश्य
    आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना था। बाद में
    , सरकार ने यह प्रतिबंध हटाए ताकि आर्थिक विकास को गति
    दी जा सके और विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।


  1. प्रश्न: व्यापार में उदारीकरण किस प्रकार से
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों (
    MNCs) की मदद करता है?
    उत्तर: व्यापार में उदारीकरण से
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों को विभिन्न देशों में व्यापार करने की सुविधाएँ मिलती
    हैं। उदारीकरण के तहत व्यापार नियमों को सरल किया जाता है
    , करों में छूट दी जाती है, और निवेश की प्रक्रिया को सुगम
    बनाया जाता है
    , जिससे MNCs को नए बाजारों में प्रवेश करना आसान
    हो जाता है।


  1. प्रश्न: अन्य देशों में बहुराष्ट्रीय
    कंपनियाँ किस प्रकार उत्पादन या उत्पादन पर नियंत्रण स्थापित करती हैं
    ?
    उत्तर: बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ अन्य देशों
    में स्थानीय उद्योगों से साझेदारी करती हैं
    , वहां की सस्ती श्रम शक्ति और कच्चे माल का उपयोग करती
    हैं
    , और अपने
    उत्पादों का उत्पादन करती हैं। वे स्थानीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत
    करने के लिए उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करती हैं
    , जिससे उन्हें उत्पादन पर नियंत्रण मिलता है।


  1. प्रश्न: विकसित देश विकासशील देशों से
    व्यापार और निवेश को क्यों आकर्षित करना चाहते हैं
    ? क्या आपको लगता है कि विकासशील
    देशों को भी बदले में ऐसा करना चाहिए
    ?
    उत्तर: विकसित देश सस्ते श्रम, कच्चे माल और नए बाजारों की खोज में
    विकासशील देशों से व्यापार और निवेश को आकर्षित करते हैं। इससे उनके उत्पादन
    की लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ता है। विकासशील देशों को भी अपने आर्थिक
    विकास के लिए वैश्विक निवेश और व्यापार को प्रोत्साहित करना चाहिए।


  1. प्रश्न: “वैश्वीकरण का प्रभाव समान नहीं
    है” इस कथन को अपने शब्दों में व्याख्या करें।

    उत्तर: वैश्वीकरण का लाभ सभी देशों और समाज
    के वर्गों में समान रूप से नहीं बंटता। विकसित देशों और बड़ी कंपनियों को
    इससे अधिक लाभ होता है
    , जबकि छोटे उद्योग और विकासशील देशों के लिए वैश्वीकरण
    से अधिक चुनौतियाँ होती हैं। इससे गरीब और छोटे किसान
    , मजदूर और छोटे उद्योग वैश्विक
    प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाते हैं।


  1. प्रश्न: व्यापार और निवेश नीतियाँ वैश्वीकरण
    प्रक्रिया में कैसे सहायक होती हैं
    ?
    उत्तर: व्यापार और निवेश नीतियाँ वैश्वीकरण
    को प्रोत्साहित करने में मदद करती हैं। सरकारें निवेशकों को कर में छूट
    , व्यापार नियमों को सरल बनाकर और
    निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाकर वैश्विक कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित
    करती हैं। इससे व्यापार और निवेश में वृद्धि होती है और देशों के बीच आर्थिक
    संबंध मजबूत होते हैं।


  1. प्रश्न: विदेशी व्यापार विभिन्न देशों के
    बाजारों को कैसे एकीकृत करता है
    ? यहाँ दिए गए उदाहरण से भिन्न उदाहरणों के साथ व्याख्या
    करें।

    उत्तर: विदेशी व्यापार के माध्यम से देशों
    के बीच उत्पादों और सेवाओं का आदान-प्रदान होता है। उदाहरण के लिए
    , भारत में बने कपड़े अमेरिका में
    बेचे जाते हैं
    , और अमेरिका
    की इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ भारत में बिकती हैं। यह वैश्विक बाजारों को आपस में
    जोड़ता है और देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करता है।


  1. प्रश्न: क्या आप सोचते हैं कि भविष्य में
    वैश्वीकरण जारी रहेगा
    ? आप क्या
    कल्पना कर सकते हैं कि अगले
    50 वर्षों में विश्व अर्थव्यवस्था कैसी होगी? अपने उत्तर का कारण बताइए।
    उत्तर: हाँ, वैश्वीकरण भविष्य में भी जारी रहेगा। अगले 50 वर्षों में तकनीकी प्रगति और डिजिटल
    अर्थव्यवस्था के कारण विश्व अर्थव्यवस्था और भी जुड़ी होगी। वैश्विक व्यापार
    , सेवाएँ और उत्पाद डिजिटल माध्यमों
    से तेजी से वितरित होंगे
    , और देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।


  1. प्रश्न: मान लीजिए कि आप दो व्यक्तियों से
    मिलते हैं – एक का कहना है कि वैश्वीकरण ने हमारे देश के विकास को नुकसान
    पहुँचाया है
    , जबकि दूसरा
    कहता है कि वैश्वीकरण ने भारत के विकास में सहायता की है। इन व्यक्तियों को
    आप कैसे उत्तर देंगे
    ?
    उत्तर: मैं पहले व्यक्ति को बताऊँगा कि
    वैश्वीकरण से भारत के कुछ स्थानीय उद्योगों को नुकसान हुआ है
    , लेकिन दूसरे व्यक्ति को यह कहूँगा
    कि सेवा क्षेत्र
    , विशेषकर आईटी
    और बीपीओ उद्योगों में वैश्वीकरण ने बहुत बड़ा योगदान दिया है। वैश्वीकरण से
    विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है
    , जिससे भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

 

11. प्रश्न: खाली स्थानों की पूर्ति कीजिए:
दो दशक पहले की
तुलना में भारतीय खरीदारों के पास वस्तुओं के अधिक विकल्प हैं। यह
_______ की प्रक्रिया से निकटता से जुड़ा हुआ है।
कई अन्य देशों में निर्मित वस्तुओं को भारत के बाज़ारों में बेचा जा रहा है। इसका
मतलब है कि अन्य देशों के साथ
_______ बढ़ रहा है। इसके
अलावा
, भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा
निर्मित ब्रांडों की बढ़ती संख्या हम बाजारों में देख रहे हैं। बहुराष्ट्रीय
कंपनियाँ भारत में निवेश कर रही हैं क्योंकि
_______। जबकि बाजार में उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हैं, इस वजह से उत्पादन करने वालों के बीच
अधिक
_______ बढ़ रही है।

उत्तर:
दो दशक पहले की
तुलना में भारतीय खरीदारों के पास वस्तुओं के अधिक विकल्प हैं। यह
वैश्वीकरण की प्रक्रिया से निकटता से जुड़ा हुआ है। कई अन्य देशों में
निर्मित वस्तुओं को भारत के बाज़ारों में बेचा जा रहा है। इसका मतलब है कि अन्य
देशों के साथ
व्यापार बढ़ रहा है। इसके अलावा, भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निर्मित ब्रांडों की
बढ़ती संख्या हम बाजारों में देख रहे हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में निवेश
कर रही हैं क्योंकि
भारत एक बड़ा
उपभोक्ता बाजार है
। जबकि बाजार में उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हैं, इस वजह से उत्पादन करने वालों के बीच
अधिक
प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।

 

12. प्रश्न: खाली स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूरे
वाक्य को भरना है
, पूर्व सवाल से अलग है):

  • (a) बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ छोटे
    उत्पादकों से
    सस्ते दामों पर खरीदती
    हैं क्योंकि इससे वे अपने उत्पादन की लागत को कम रख सकती हैं।
  • (b) मोटर गाड़ियों के निर्माण में आयात शुल्क और
    कोटा
    का उपयोग
    सरकार द्वारा घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा के लिए किया जाता है।
  • (c) कपड़े, जूते-चप्पल और खेलकूद के सामान जैसे
    उत्पादों पर भी वैश्विक व्यापार के नियम लागू होते हैं।
  • (d) कॉल सेंटर जैसे सेवाओं में वैश्विक कंपनियाँ
    अपना संचालन स्थापित करती हैं।
  • (e) आईटी और बीपीओ सेवाओं में भारत ने
    वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

 

13. प्रश्न: सही विकल्प का चयन करें:

  • (v) पिछले दो दशकों में वैश्वीकरण के
    कारण तीव्र विकास देखा गया है:
    • (d) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और लोगों का।
    • (k) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश का।
    • (x) देशों के बीच वस्तुओं, निवेश और लोगों का।

सही उत्तर: (x) देशों के बीच वस्तुओं, निवेश और लोगों का।

  • (vk) विश्व के देशों में बहुराष्ट्रीय
    कंपनियों द्वारा निवेश का सबसे आम तरीका है:
    • (d) नई फैक्ट्रियों की स्थापना।
    • (k) स्थानीय कंपनियों का अधिग्रहण।
    • (x) स्थानीय कंपनियों से साझेदारी।

सही उत्तर: (d) नई फैक्ट्रियों की स्थापना।

  • (b) वैश्वीकरण ने जीवन स्तर में सुधार
    में मदद की है:
    • (d) सभी लोगों के।
    • (k) विकसित देशों के लोगों के।
    • (x) विकासशील देशों के श्रमिकों के।

सही उत्तर: (x) विकासशील देशों के श्रमिकों के।

 

15. प्रश्न: अपनी पसंद की किसी भारतीय कंपनी या सेवा
का चयन करें। उस उद्योग में कार्यरत लोगों के साक्षात्कार
, लेख, पत्रिकाओं, पुस्तकों, दूरदर्शन और इंटरनेट से जानकारी इकट्ठा
करें और निम्नलिखित पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार करें:

  • (a) उद्योग में विभिन्न
    उत्पादक/कंपनियाँ।
  • (b) क्या उत्पाद अन्य देशों को निर्यात
    होता है
    ?
    उत्तर: कई भारतीय कंपनियाँ अपने उत्पादों
    को विदेशों में निर्यात करती हैं। उदाहरण के लिए
    , टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, और महिंद्रा एंड महिंद्रा
    ऑटोमोबाइल्स का निर्यात करते हैं।
  • (c) क्या उत्पादकों में बहुराष्ट्रीय
    कंपनियाँ शामिल हैं
    ?
    उत्तर: कई भारतीय कंपनियाँ बहुराष्ट्रीय
    कंपनियों से साझेदारी करती हैं या उनका हिस्सा बन चुकी हैं। उदाहरण के लिए
    , हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनी एक MNC का हिस्सा है।
  • (d) उद्योग में प्रतिस्पर्धा।
    उत्तर: भारतीय कंपनियों को वैश्विक और
    स्थानीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। आईटी सेक्टर में
    इंफोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी प्रतिस्पर्धा
    का सामना करना पड़ता है।
  • (e) उद्योग में कामकाजी परिस्थितियाँ।
    उत्तर: उद्योग में कामकाजी परिस्थितियाँ
    काफी हद तक उद्योग पर निर्भर करती हैं। आईटी सेक्टर में कामकाजी परिस्थितियाँ
    अच्छी मानी जाती हैं
    , जबकि निर्माण
    और कृषि क्षेत्र में सुधार की जरूरत है।
  • (f) पिछले दस वर्षों में उद्योग में आए
    प्रमुख परिवर्तन।

    उत्तर: पिछले दस वर्षों में तकनीकी विकास, डिजिटलाइजेशन और वैश्विक व्यापार
    में बढ़ोतरी ने उद्योगों में बड़े बदलाव लाए हैं।
  • (g) उद्योग में कार्यरत लोगों की
    समस्याएँ।

    उत्तर: आईटी और सेवा क्षेत्र में
    कर्मचारियों को लंबे काम के घंटे
    , मानसिक तनाव, और कभी-कभी नौकरी की अस्थिरता जैसी समस्याओं का सामना
    करना पड़ता है। वहीं
    , निर्माण और
    कृषि क्षेत्र के मजदूरों को कम मजदूरी
    , असुरक्षित कामकाजी परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा की
    कमी जैसी समस्याएँ होती हैं।



 

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