Chapter 4 कृषि (Agriculture) Class 10 NCERT भूगोल

 

Explore India’s agriculture types, shifting cultivation, and
economic importance of crops like rice, cotton, and coffee in diverse regions.

Chapter 4 कृषि (Agriculture)

Class 10 NCERT भूगोल: समकालीन भारत – 2 | Questions Answers

Updated for 2024-2025 Exams

Concept Map: Agriculture in India (भारत में कृषि)


1. Types of Agriculture (कृषि के प्रकार)

  • Subsistence Farming: Small-scale farming to meet
    local needs.
    (
    जीविका खेती:
    स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए छोटी स्तर पर खेती।)
  • Commercial Farming: Large-scale production for sale
    in markets.
    (
    वाणिज्यिक
    खेती: बाजार में बिक्री के लिए बड़े स्तर पर उत्पादन।)
  • Plantation Farming: Farming focused on single crops
    like tea, coffee, and rubber.
    (
    प्लांटेशन
    खेती: चाय
    , कॉफी, और रबर जैसी एकल फसलों पर केंद्रित
    खेती।)


2. Major Crops of India (भारत की प्रमुख फसलें)

  • Rice (धान): Grown in water-rich regions like
    West Bengal, Uttar Pradesh, and Punjab.
    (
    पानी समृद्ध
    क्षेत्रों जैसे पश्चिम बंगाल
    , उत्तर प्रदेश और पंजाब में उगाई जाती है।)
  • Wheat (गेहूं): Mainly produced in the northern
    plains of India, including Punjab and Haryana.
    (
    मुख्य रूप से
    उत्तरी मैदानों में
    , पंजाब और
    हरियाणा में उत्पादन।)
  • Millets (बाजरा, ज्वार): Grown in semi-arid regions like Rajasthan
    and Maharashtra.
    (
    अर्ध-शुष्क
    क्षेत्रों जैसे राजस्थान और महाराष्ट्र में उगाई जाती हैं।)
  • Cotton (कपास): Grown in states like Gujarat,
    Maharashtra, and Madhya Pradesh.
    (
    गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में उगाई
    जाती है।)
  • Sugarcane (गन्ना): Grown in Uttar Pradesh,
    Maharashtra, and Tamil Nadu.
    (
    उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में उगाई
    जाती है।)


3. Shifting Cultivation (Slash and Burn Agriculture) (झूम खेती)

  • Definition: Temporary farming on small
    patches of forest land, followed by shifting to a new area after the soil
    is exhausted.
    (
    परिभाषा:
    जंगल की भूमि पर अस्थायी खेती
    , मिट्टी की उर्वरता घटने पर नई जगह पर स्थानांतरण।)
  • Regions: Practiced in the northeastern
    states of India like Assam, Meghalaya, and Mizoram.
    (
    असम, मेघालय और मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर
    राज्यों में प्रचलित है।)


4. Irrigation and Water Management (सिंचाई और जल प्रबंधन)

  • Irrigation Methods: Tube wells, canals, and drip
    irrigation systems are used to enhance productivity.
    (
    उत्पादकता
    बढ़ाने के लिए नलकूप
    , नहरें और
    ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग।)
  • Importance: Effective irrigation helps
    increase crop yield in water-scarce regions.
    (
    सिंचाई के
    प्रभावी उपयोग से जल संकट वाले क्षेत्रों में फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद
    मिलती है।)


5. Green Revolution (हरित क्रांति)

  • Impact: Introduced high-yield variety
    seeds, chemical fertilizers, and modern irrigation techniques.
    (
    उच्च
    उत्पादकता वाले बीज
    , रासायनिक
    उर्वरकों
    , और आधुनिक
    सिंचाई तकनीकों का उपयोग शुरू हुआ।)
  • Regions Benefitted: Mainly benefitted states like
    Punjab, Haryana, and Western Uttar Pradesh.
    (
    मुख्य रूप से
    पंजाब
    , हरियाणा, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को फायदा
    हुआ।)


6. Sustainable Farming Practices (सतत खेती की प्रथाएँ)

  • Organic Farming: Focuses on using natural
    fertilizers and sustainable methods.
    (
    प्राकृतिक
    उर्वरकों और सतत तरीकों के उपयोग पर केंद्रित।)
  • Crop Rotation: Growing different crops in a
    systematic manner to maintain soil fertility.
    (
    मिट्टी की
    उर्वरता बनाए रखने के लिए विभिन्न फसलों की क्रमिक खेती।)

1. Multiple Choice Questions (MCQs)

(i) निम्नलिखित में से कौन-सी कृषि पद्धति में केवल एक फसल बड़े
क्षेत्र में उगाई जाती है
?

  • (d) प्लांटेशन खेती
  • (x) झूम खेती
  • ([k) मिश्रित खेती
  • (?k) रबी फसलें

उत्तर:
(d)
प्लांटेशन खेती (Plantation farming focuses on a single
crop like tea, coffee, or rubber on large estates.)


(ii) कौन सा राज्य मुख्य रूप से चावल का उत्पादन करता है?

  • (d) पंजाब
  • (x) पश्चिम बंगाल
  • ([k) हरियाणा
  • (?k) राजस्थान

उत्तर:
(x)
पश्चिम बंगाल (West Bengal is the largest producer of
rice in India.)


(iii) निम्नलिखित में से कौन सा राज्य मुख्य रूप से कपास का
उत्पादन करता है
?

  • (d) गुजरात
  • (x) उत्तर प्रदेश
  • ([k) तमिलनाडु
  • (?k) केरल

उत्तर:
(d)
गुजरात (Gujarat is a leading state in cotton
production.)


(iv) निम्नलिखित में से कौन सी कृषि पद्धति मुख्य रूप से अस्थायी
खेती को संदर्भित करती है
?

  • (d) सिंचित कृषि
  • (x) झूम खेती
  • ([k) मिश्रित खेती
  • (?k) वर्षा आधारित खेती

उत्तर:
(x)
झूम खेती (Shifting cultivation or slash-and-burn
agriculture is known as jhum farming.)


2. Short Answer Questions (30 words)

(i) मिश्रित खेती क्या है?
उत्तर:
मिश्रित खेती एक
ऐसी पद्धति है जिसमें किसान एक ही खेत में कई फसलें उगाते हैं और साथ ही पशुपालन
भी करते हैं। यह किसानों को स्थायी आय प्रदान करती है।


(ii) हरित क्रांति क्या है और इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
हरित क्रांति एक
कृषि सुधार कार्यक्रम था
, जिसमें उच्च उत्पादकता वाले बीज, रासायनिक उर्वरक और सिंचाई की आधुनिक
तकनीकें शामिल थीं। इससे पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में फसल उत्पादन में भारी
वृद्धि हुई।


(iii) सिंचाई के कौन-कौन से प्रमुख साधन हैं?
उत्तर:
सिंचाई के प्रमुख
साधन हैं: नलकूप
, नहरें, और ड्रिप सिंचाई प्रणाली। ये जल-संकट वाले क्षेत्रों में
फसल उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होते हैं।


3. Long Answer Questions (120 words)

(i) भारत में धान की खेती के लिए उपयुक्त परिस्थितियों का वर्णन
करें।

उत्तर:
धान की खेती के
लिए अधिक वर्षा
, नमी वाली मिट्टी और गर्म जलवायु की
आवश्यकता होती है। धान मुख्य रूप से भारत के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में
उगाया जाता है
, जहां मॉनसून की बारिश अधिक होती है।
पश्चिम बंगाल
, उत्तर प्रदेश, और पंजाब जैसे राज्य धान के प्रमुख
उत्पादक हैं। धान की खेती के लिए उचित सिंचाई सुविधाओं की भी आवश्यकता होती है
, जिससे पानी की उपलब्धता पूरे साल बनी
रहे। नदियों और जलाशयों के नजदीक के क्षेत्रों में धान की खेती सफलतापूर्वक की
जाती है। भारत में धान की खेती अधिकांशतः मानसून की बारिश पर निर्भर होती है
, हालांकि सिंचाई सुविधाएं भी महत्वपूर्ण
भूमिका निभाती हैं।


(ii) झूम खेती क्या है और यह किस प्रकार की कृषि है?
उत्तर:
झूम खेती जिसे
स्लैश-एंड-बर्न कृषि के रूप में भी जाना जाता है
, अस्थायी कृषि की एक विधि है जिसमें किसान वन भूमि के
छोटे-छोटे टुकड़ों पर खेती करते हैं। मिट्टी की उर्वरता कम होने पर
, किसान नई भूमि पर स्थानांतरित हो जाते हैं।
इस प्रक्रिया में पेड़ काटकर जलाए जाते हैं
, और इस राख का उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाता है। यह
पद्धति भारत के पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम
, मेघालय और मिजोरम में प्रचलित है। हालांकि यह पारंपरिक खेती
की एक विधि है
, लेकिन इसे पर्यावरण के लिए हानिकारक माना
जाता है
, क्योंकि इससे वनों की कटाई होती है और
पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है।

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