यह अध्याय भारतीय
अर्थव्यवस्था में धन और ऋण की भूमिका, उनकी परिभाषाएँ, और उनके विभिन्न
स्वरूपों की व्याख्या करता है।
Chapter 3: धन और ऋण (Money and Credit)
Class 10 NCERT Economics आर्थिक विकास की समझ | Questions
Answers
Updated for 2024-2025 Exams
Concept Map:
- धन की
परिभाषा (Definition
of Money): - धन क्या है:
वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान। - धन के
प्रकार: नकद (Cash), डिजिटल (Digital)। - धन के स्रोत
(Sources of
Money): - औपचारिक
स्रोत (Formal
Sources): बैंक (Banks), RBI, NABARD। - अनौपचारिक
स्रोत (Informal
Sources): साहूकार (Moneylenders), दोस्त/परिवार। - बैंकों की
भूमिका (Role of
Banks): - जमाराशि
लेना और ऋण देना (Deposits
and Loans)। - क्रेडिट
कार्ड, डेबिट कार्ड
और डिजिटल भुगतान (Credit,
Debit Cards and Digital Payments)। - ऋण के प्रकार
(Types of
Credit): - औपचारिक ऋण
(Formal
Credit): बैंक से ऋण। - अनौपचारिक
ऋण (Informal
Credit): साहूकारों
से ऋण। - आर्थिक विकास
पर प्रभाव (Impact on
Economic Development): - ऋण से
उत्पादन में वृद्धि (Increased Production through Credit)। - आय में
सुधार (Income
Improvement)। - वित्तीय
स्थिरता और आर्थिक असमानता (Financial Stability and Economic Inequality)। - महत्वपूर्ण
संस्थान (Key
Institutions): - भारतीय
रिजर्व बैंक (RBI)। - राष्ट्रीय
कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD)।
Questions and Answers:
1. प्रश्न: महाजन ऋण देते समय संपत्ति की मांग
क्यों करता है?
- उत्तर: महाजन संपत्ति की मांग करता है ताकि वह
सुनिश्चित कर सके कि अगर उधारकर्ता ऋण नहीं चुका पाता, तो वह संपत्ति बेचकर नुकसान की भरपाई कर
सके।
2. प्रश्न: भारत में औपचारिक और अनौपचारिक वित्तीय
स्रोतों में क्या अंतर है?
- उत्तर: औपचारिक वित्तीय स्रोत बैंक, सहकारी समितियाँ आदि हैं, जो सरकार द्वारा नियंत्रित होते हैं।
अनौपचारिक वित्तीय स्रोत साहूकार, मित्र और परिवार होते हैं, जिनका सरकारी नियंत्रण नहीं होता और उनके
साथ अधिक जोखिम होता है।
3. प्रश्न: औपचारिक वित्तीय संस्थान ऋण क्यों
प्रदान करते हैं?
- उत्तर: औपचारिक वित्तीय संस्थान जैसे बैंक ऋण
प्रदान करते हैं ताकि आर्थिक विकास हो सके और लोगों को व्यापार, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय
सहायता मिले।
4. प्रश्न: अनौपचारिक वित्तीय संस्थानों के क्या
खतरे होते हैं?
- उत्तर: अनौपचारिक वित्तीय संस्थान उच्च ब्याज
दरें लगाते हैं, और उनके
पास कोई कानूनी सुरक्षा नहीं होती, जिससे वे उधारकर्ताओं का शोषण कर सकते
हैं।
5. प्रश्न: आर्थिक विकास के लिए ऋण का क्या महत्व
है?
- उत्तर: ऋण से लोगों को व्यापार, उत्पादन और सेवाओं का विस्तार करने में
मदद मिलती है, जिससे
रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और अर्थव्यवस्था में विकास होता है।
6. प्रश्न: भारत में ऋण वितरण में असमानता क्यों है?
- उत्तर: भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में औपचारिक
वित्तीय संस्थानों की पहुंच सीमित है, जिसके कारण वहाँ के लोगों को अनौपचारिक
स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे असमानता बढ़ती है।
7. प्रश्न: भारत में कौन-कौन से औपचारिक और
अनौपचारिक ऋण स्रोत हैं?
- उत्तर: औपचारिक स्रोतों में बैंक, सहकारी समितियाँ, और सरकारी वित्तीय संस्थाएँ शामिल हैं।
अनौपचारिक स्रोतों में साहूकार, दोस्त
और परिवार आते हैं।
8. प्रश्न: क्या आप सहमत हैं कि अनौपचारिक वित्तीय
स्रोतों का इस्तेमाल जोखिमभरा है? कारण
बताइए।
- उत्तर: हाँ, अनौपचारिक वित्तीय स्रोत अधिक ब्याज दरों
और कानूनी संरक्षण की कमी के कारण जोखिमभरे होते हैं। इससे उधारकर्ताओं को
अधिक शोषण का सामना करना पड़ सकता है।
- प्रश्न: तंग परिस्थितियों में ऋणदाता के लिए
समस्याएँ क्यों खड़ी हो सकती हैं? इसे स्पष्ट करें। - उत्तर: तंग परिस्थितियों में ऋणदाता को
दिक्कतें आ सकती हैं क्योंकि उधारकर्ता की आय कम हो सकती है, जिससे ऋण चुकाना मुश्किल हो जाता
है। साथ ही, अगर
उधारकर्ता की संपत्ति की कीमत घट जाती है, तो ऋणदाता की संपत्ति का मूल्य भी कम हो जाता है। - प्रश्न: ऋण आवश्यकताओं के विभिन्न घटकों के
साथ समस्या को कैसे सुलझाया जा सकता है? अपने दृष्टिकोण से उदाहरण देकर समझाएँ। - उत्तर: ऋण आवश्यकताओं को सुलझाने के लिए
वित्तीय योजना और ऋण शर्तों को ध्यान में रखा जाता है। उदाहरण के लिए, किसी छोटे व्यवसाय के लिए एक लचीला
ऋण अवधि और कम ब्याज दर तय करना उन्हें ऋण चुकाने में मदद करता है। - प्रश्न: अतिरिक्त धन वाले लोग और धन की कमी
वाले लोगों के बीच बैंक किस प्रकार संतुलन बनाता है? - उत्तर: बैंक अतिरिक्त धन वाले लोगों से धन
एकत्र करता है और इसे जरूरतमंद लोगों को उधार देता है। इस प्रक्रिया से
दोनों पक्षों को लाभ मिलता है – उधारकर्ता को धन प्राप्त होता है और निवेशक
को ब्याज मिलता है। - प्रश्न: 10 रुपये के नोट पर क्या लिखा होता है? क्या आप इस कथन की व्याख्या कर सकते
हैं? - उत्तर: 10 रुपये के नोट पर लिखा होता है
“मैं धारक को 10 रुपये अदा
करने का वचन देता हूँ।” इसका अर्थ यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक नोट का
मूल्य 10 रुपये के
बराबर मान्यता देता है। - प्रश्न: भारत में औपचारिक ऋण स्रोतों को
बढ़ाने की आवश्यकता क्यों है? - उत्तर: औपचारिक ऋण स्रोतों को बढ़ाने से
लोग सुरक्षित और कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जो आर्थिक स्थिरता और विकास में
मदद करता है। यह साहूकारों और अनौपचारिक स्रोतों से बचने में भी मदद करता
है। - प्रश्न: गरीबों के लिए स्वयं सहायता समूहों
के संगठनों के पीछे के मुख्य विचार क्या हैं? अपनी भाषा में समझाएँ। - उत्तर: गरीबों के लिए स्वयं सहायता समूह
एक ऐसा संगठन है, जहाँ समूह
के सदस्य एक-दूसरे की मदद करते हैं। यह समूह बचत करते हैं और जरूरत के समय
एक-दूसरे को ऋण देते हैं, जिससे आर्थिक समस्याएँ हल हो सकती हैं। - प्रश्न: बैंकों को अधिकतर ऋणदाता क्यों ऋण
देने के लिए तैयार नहीं होते हैं? - उत्तर: बैंकों को अधिकतर ऋणदाता इसलिए ऋण
देने के लिए तैयार नहीं होते हैं क्योंकि वे उधारकर्ताओं की ऋण चुकाने की
क्षमता पर संदेह करते हैं। बैंकों को लगता है कि ऐसे लोग समय पर ऋण वापस
नहीं कर पाएंगे। - प्रश्न: भारतीय रिज़र्व बैंक अन्य बैंकों की
गतिविधियों को कैसे नियंत्रित करता है? यह व्यवस्था क्यों महत्वपूर्ण है? - उत्तर: भारतीय रिज़र्व बैंक ब्याज दरें, नकद भंडार और बैंकों की अन्य
गतिविधियों पर नियंत्रण रखता है। यह व्यवस्था बैंकों को संतुलित और सुरक्षित
रखने के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि वित्तीय स्थिरता बनी रहे। - प्रश्न: विकास में ऋण की भूमिका का विश्लेषण
करें। - उत्तर: ऋण उत्पादन, व्यापार और सेवाओं के विस्तार के
लिए आवश्यक पूंजी प्रदान करता है। यह रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को
बढ़ावा देकर समग्र विकास में सहायक होता है। - प्रश्न: एक व्यक्ति को छोटे व्यापार के लिए
ऋण की आवश्यकता क्यों होती है? व्यक्ति कैसे तय करेगा कि उसे बैंक से या साहूकार से
ऋण लेना चाहिए? चर्चा करें। - उत्तर: व्यक्ति को छोटे व्यापार के लिए
पूंजी की आवश्यकता होती है, जिसे वह ऋण द्वारा प्राप्त करता है। यह निर्णय इस बात
पर निर्भर करता है कि बैंक से कम ब्याज पर औपचारिक ऋण प्राप्त करना लाभप्रद
है या साहूकार से जल्दी और आसानी से ऋण लेना सुविधाजनक है। - प्रश्न: भारत में 80% किसान छोटे किसान होते हैं, जिन्हें खेती के लिए ऋण की आवश्यकता
होती है। - (a) बैंक छोटे किसानों को ऋण देने से
क्यों कतराते हैं? - (b) वे अन्य कौन से स्रोत हैं, जिनसे छोटे किसान ऋण ले सकते हैं?
- (c) उदाहरण देकर स्पष्ट करें कि छोटे
किसानों के लिए ऋण की शर्तें कैसे फायदेमंद हो सकती हैं? - (d) सुझाव दें कि कैसे छोटे किसानों को
सस्ते ऋण उपलब्ध कराए जा सकते हैं। - प्रश्न: खाली स्थान भरें:
- (d) परिवारों की ऋण की अधिकांश
आवश्यकताएँ अनौपचारिक स्रोतों से पूरी होती हैं। - ([k]) ऋण की लागत समय के साथ बढ़ जाती
है। - (x) सरकार द्वारा समय-समय पर
दिशानिर्देश जारी किए जाते हैं। - (?k) बैंक ब्याज दर पर ऋण के बदले अधिक
ब्याज लेते हैं। - (Ä) संपत्ति होती है जिसका मालिक
ऋणदाता होता है, जिसे वह
गारंटी के रूप में उपयोग करता है जब तक ऋण चुकता नहीं हो जाता।
- प्रश्न: स्वयं सहायता समूह में बचत और ऋण से
जुड़े प्रमुख निर्णय कौन लेता है?
- उत्तर:
- (d) बैंक द्वारा।
- ([k]) सदस्यों द्वारा।
- (x) गैर-सरकारी संगठन द्वारा।
- प्रश्न: औपचारिक ऋण स्रोतों में कौन शामिल
नहीं है?
- उत्तर:
- (d) बैंक।
- ([k]) सहकारी समिति।
- (x) साहूकार।
- प्रश्न: ऋण लेने वाले लोग विभिन्न पेशे से
होते हैं। निम्नलिखित सूची में दिए गए लोगों के ऋण लेने के कारणों को पूरा
कीजिए:
|
व्यवसाय |
ऋण लेने का कारण |
|
निर्माण मजदूर |
मजदूरी या उपकरण |
|
उद्यमी |
व्यवसाय विस्तार |
|
स्नातक छात्र |
उच्च शिक्षा |
|
सरकारी सेवा में नियुक्त व्यक्ति |
घर या वाहन खरीदना |
|
दिल्ली में प्रवासी मजदूर |
रोज़गार या आपातकालीन स्थितियाँ |
उत्तर:
- विभिन्न
पेशों से जुड़े लोग अलग-अलग कारणों से ऋण लेते हैं। निर्माण मजदूर मजदूरी या
उपकरण के लिए, उद्यमी अपने
व्यापार को बढ़ाने के लिए, और छात्र शिक्षा के लिए ऋण लेते हैं। सरकारी सेवा में
नियुक्त लोग घर या वाहन खरीदने के लिए ऋण लेते हैं, और प्रवासी मजदूर अपने दैनिक जीवन
की आवश्यकताओं या आपात स्थितियों के लिए ऋण लेते हैं।
- प्रश्न: ऋण प्राप्त करने में सक्षम और
असक्षम व्यक्तियों को कैसे विभाजित किया जा सकता है? आपने किस आधार का उपयोग किया?
- उत्तर:
- सक्षम:
जिनके पास पर्याप्त संपत्ति, स्थिर आय, और बैंकिंग जानकारी है। - असक्षम:
जिनके पास न तो स्थिर आय है, न संपत्ति, और जिन्हें ऋण चुकाने में कठिनाई हो सकती है।
इस विभाजन का आधार
व्यक्ति की आय, संपत्ति और बैंकिंग जानकारी पर निर्भर
करता है।