Learn about water scarcity, conservation methods, and
management projects to sustainably manage water resources for future
generations
Chapter 3 जल संसाधन (Water Resources)
Class 10 NCERT भूगोल: समकालीन भारत – 2 | Questions Answers
Updated for 2024-2025 Exams
Concept Map: Water Resources (जल संसाधन)
1. Water Scarcity (जल संकट)
- Definition: Shortage of available water for
basic needs.
(परिभाषा:
मूलभूत आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध जल की कमी।) - Reasons for Water Scarcity: Rapid population growth,
industrialization, and deforestation.
(जल संकट के
कारण: तेजी से बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण और वनों की कटाई।)
2. Conservation of Water (जल संरक्षण)
- Methods: Rainwater harvesting, recycling,
and afforestation.
(विधियाँ:
वर्षा जल संग्रहण, पुनर्चक्रण, और वनीकरण।) - Importance: Conserving water ensures
sustainable use for future generations.
(महत्व: जल
संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल का सतत उपयोग सुनिश्चित करता है।)
3. Water Management Projects (जल प्रबंधन परियोजनाएँ)
- Examples: Sardar Sarovar Dam, Rainwater
Harvesting in Rajasthan.
(उदाहरण:
सरदार सरोवर बांध, राजस्थान में
वर्षा जल संग्रहण।) - Purpose: To increase water availability
in water-scarce regions.
(उद्देश्य: जल
की कमी वाले क्षेत्रों में जल की उपलब्धता बढ़ाना।)
4. Types of Water Resources (जल संसाधनों के प्रकार)
- Surface Water: Rivers, lakes, and reservoirs.
(सतही जल:
नदियाँ, झीलें, और जलाशय।) - Groundwater: Water stored underground in
aquifers.
(भूजल: जमीन
के नीचे एक्वीफर में संग्रहीत पानी।)
5. Impact of Urbanization on Water (शहरीकरण का जल पर प्रभाव)
- Increased Demand: Urbanization increases water
demand for domestic and industrial purposes.
(बढ़ी हुई
माँग: शहरीकरण घरेलू और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए जल की माँग बढ़ाता है।) - Pollution: Untreated industrial waste
pollutes water bodies.
(प्रदूषण:
बिना शोधन के औद्योगिक अपशिष्ट जल स्रोतों को प्रदूषित करता है।)
1. Multiple Choice Questions (MCQs)
(i) नीचे दी गई जानकारी के आधार पर स्थितियों को “जल की
कमी से प्रभावित” या “जल की कमी से अप्रभावित” में वर्गीकृत करें:
- (d) अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्र
- ([k) अधिक वर्षा और अधिक जनसंख्या वाले
क्षेत्र - (x) अधिक वर्षा वाले लेकिन अत्यधिक
प्रदूषित जल क्षेत्र - (?k) कम वर्षा और कम जनसंख्या वाले
क्षेत्र
उत्तर:
(x) अधिक वर्षा वाले
लेकिन अत्यधिक प्रदूषित जल क्षेत्र
(ये क्षेत्र जल की
कमी से प्रभावित होते हैं क्योंकि प्रदूषण से जल उपयोग योग्य नहीं रहता।)
(ii) इनमें से कौन सा विकल्प प्रमुख जल संरक्षण परियोजनाओं के
पक्ष में नहीं है?
- (d) प्रमुख परियोजनाएँ उन क्षेत्रों में
पानी की आपूर्ति करती हैं जहाँ जल की कमी है। - ([k) जल संरक्षण परियोजनाएँ बाँधों पर
आधारित जल प्रबंधन करती हैं। - (x) प्रमुख परियोजनाएँ उच्च स्तर पर
स्थापित होती हैं और औद्योगिक विकास को बाधित करती हैं। - (?k) प्रमुख परियोजनाएँ हमारे उद्योग और
घरों के लिए बिजली प्रदान करती हैं।
उत्तर:
(x) प्रमुख परियोजनाएँ
उच्च स्तर पर स्थापित होती हैं और औद्योगिक विकास को बाधित करती हैं।
(यह कथन सही नहीं
है, क्योंकि परियोजनाएँ विकास में बाधा नहीं
डालतीं।)
(iii) यहाँ दिए गए कुछ तथ्य गलत हैं। इनमें से कौन सा सही नहीं है?
- (d) बढ़ती शहरीकरण और जनसंख्या के कारण
पानी का सही उपयोग सुनिश्चित हुआ है। - ([k) नदियों पर बनाए गए बाँधों से पानी
का सही वितरण सुनिश्चित नहीं होता। - (x) आज राजस्थान में बाँधों द्वारा पानी
की आपूर्ति को सफलतापूर्वक प्रबंधित किया जा रहा है।
उत्तर:
(d) बढ़ती शहरीकरण और
जनसंख्या के कारण पानी का सही उपयोग सुनिश्चित हुआ है।
(यह तथ्य गलत है
क्योंकि बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण से जल का दुरुपयोग बढ़ा है।)
2. Short Answer Questions (30 words)
(i) जल
किस प्रकार नवीकरणीय संसाधन है?
उत्तर:
जल एक नवीकरणीय
संसाधन है क्योंकि यह प्राकृतिक चक्रों जैसे कि वर्षा और पुनःपूर्ति द्वारा पुनः
प्राप्त होता है, जिससे
इसका सतत उपयोग संभव होता है।
(ii) जल
संकट क्या है और इसके मुख्य कारण क्या हैं?
उत्तर:
जल संकट तब उत्पन्न
होता है जब जल की मांग उसकी उपलब्धता से अधिक हो जाती है। इसके मुख्य कारण बढ़ती
जनसंख्या, औद्योगिकीकरण,
और जल स्रोतों का
प्रदूषण हैं।
(iii) जल
संरक्षण परियोजनाओं से होने वाले लाभ और हानि की तुलना करें।
उत्तर:
जल संरक्षण
परियोजनाएँ पानी की उपलब्धता को बढ़ाती हैं, लेकिन अत्यधिक बाँध निर्माण से
पर्यावरणीय क्षति और विस्थापन जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
3. Long Answer Questions (120 words)
(i) राजस्थान
के शुष्क क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण कैसे किया जाता है?
उत्तर:
राजस्थान के शुष्क
क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण परंपरागत तरीके से किया जाता है। ‘चरणी’ और
‘टांका’ जैसे जल संग्रहण संरचनाएँ बनाए जाते हैं। ये जलाशय बारिश के पानी को जमा
करके भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखते हैं। राजस्थान के गाँवों में इनका
उपयोग खेती और घरेलू कार्यों के लिए किया जाता है। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में बाँध और तालाब भी बनाए
गए हैं, जहाँ बारिश का पानी
इकट्ठा कर खेतों में सिंचाई के लिए प्रयोग होता है। इस प्रकार के संग्रहण से सूखे
के समय में जल की कमी को दूर किया जा सकता है और खेती की उपज को बढ़ाया जा सकता
है।
(ii) पारंपरिक
जल संग्रहण विधियों को आधुनिक समय में कैसे लागू किया जा रहा है?
उत्तर:
पारंपरिक जल संग्रहण
विधियाँ जैसे कि बाँध, तालाब,
और ‘चरणी’ आज भी जल
संरक्षण के आधुनिक तरीकों में शामिल की जा रही हैं। इन संरचनाओं को अब आधुनिक
तकनीकों के साथ सुधार किया गया है ताकि पानी का सही तरीके से उपयोग हो सके। इन
विधियों से खेती में पानी की बचत होती है और जल स्रोतों को पुनः भरा जा सकता है।
आजकल शहरी क्षेत्रों में भी वर्षा जल संग्रहण और जल पुनर्चक्रण तकनीकों का उपयोग
किया जा रहा है, जो
पारंपरिक विधियों का ही उन्नत रूप है।