Discover the importance of biodiversity, wildlife conservation,
and sustainable practices in natural resource management.
Chapter 2 वन एवं वन्य जीव संसाधन (Forest and
Wildlife Resources)
Class 10 NCERT भूगोल: समकालीन भारत – 2 | Questions Answers
Updated for 2024-2025 Exams
Concept Map:
Main Topic: Biodiversity and Wildlife Conservation
(मुख्य विषय: जैव विविधता और वन्यजीव
संरक्षण)
1. Biodiversity (जैव विविधता)
- Definition: Variety of life forms in an
ecosystem. (पर्यावरण में
जीवन के विभिन्न रूप।) - Importance: Maintains ecological balance and
supports human survival. (पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता है और मानव अस्तित्व को
समर्थन देता है।)
2. Wildlife and Habitat Conservation (वन्यजीव और आवास संरक्षण)
- Conservation Efforts: Protection of endangered species
like tigers and elephants. (विलुप्तप्राय प्रजातियों जैसे बाघ और हाथी की रक्षा।) - Protected Areas: Sanctuaries and national parks
safeguard wildlife. (अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीवों की सुरक्षा
करते हैं।) - Tiger Conservation Project: Project Tiger in 1973 to protect
the tiger population. (1973 में बाघ संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत।)
3. Threats to Biodiversity (जैव विविधता के खतरे)
- Deforestation: Loss of forests reduces
biodiversity. (वनों की कटाई से जैव विविधता कम होती है।) - Pollution: Water and air pollution
negatively impact wildlife. (जल और वायु प्रदूषण से वन्यजीवों पर बुरा असर पड़ता
है।) - Poaching: Illegal hunting of endangered
animals. (विलुप्तप्राय
जानवरों का अवैध शिकार।)
4. Sustainable Practices (सतत प्रथाएँ)
- Afforestation: Planting trees to replenish
forests. (वनों को
पुनर्जीवित करने के लिए पेड़ लगाना।) - Community Involvement: Local communities play a vital
role in conservation. (स्थानीय समुदाय संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते
हैं।) - Government Initiatives: Laws and regulations to protect
biodiversity. (जैव विविधता की रक्षा के लिए कानून और नियम।)
5. Ecological Benefits (पारिस्थितिक लाभ)
- Ecosystem Services: Forests provide oxygen, clean
water, and regulate climate. (वन ऑक्सीजन, स्वच्छ पानी प्रदान करते हैं और जलवायु को नियंत्रित
करते हैं।) - Genetic Diversity: Helps in adapting to
environmental changes. (पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुकूल होने में मदद करता
है।)
1. MCQ
(i) इनमें से कौन-सा संरक्षण तरीका समुदायों की पूरी भागीदारी
नहीं करता?
उत्तर:
(x) वन्यजीव अभयारण्य
का परिसीमन
विकल्प:
- (d) संयुक्त वन प्रबंधन
- (x) चिपकोअभियान
- ([k) फसल बचाओ अभियान
- (?k) वन्यजीव अभयारण्य का परिसीमन
2. उपयुक्त मेल करें:
- संरक्षित वन
सरकार, निजी
व्यक्तियों और समुदायों द्वारा नियंत्रित अन्य वनों और चरागाहों की भूमि। - संरक्षित वन
वन और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से सबसे मूल्यवान वन। - अनियंत्रित
वन अन्य सभी प्रकार के वनों और बंजर भूमि जो सरकार, व्यक्तियों और समुदायों की संपत्ति
हैं।
3. 30 शब्दों में उत्तर:
(i) जैव विविधता क्या है? यह मानव जीवन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
जैव विविधता
पृथ्वी पर सभी जीवित प्रजातियों का विविध समूह है। यह मानव जीवन के लिए इसलिए
महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखता है और आवश्यक संसाधन प्रदान
करता है।
(ii) विस्तार से समझाएं कि मानव गतिविधियाँ किस प्रकार प्राकृतिक
संसाधनों के अति-उपयोग और वन्यजीव क्षरण के कारण बनती हैं।
उत्तर:
कृषि, उद्योग, शहरीकरण, वनों की कटाई और
शिकार जैसे मानवीय कार्य प्रकृति के अति-उपयोग को बढ़ावा देते हैं, जिससे वन्यजीवों के आवास और प्रजातियों
के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न होता है।
4. 120 शब्दों में उत्तर:
(i) भारत में विभिन्न समुदायों ने वनों और वन्यजीव संरक्षण में
कैसे योगदान दिया है?
उत्तर:
भारत में विभिन्न
समुदायों ने अपने पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति के माध्यम से वनों और वन्यजीवों के
संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उदाहरण के लिए, राजस्थान के बिश्नोई समुदाय ने पीढ़ियों से
काले हिरणों की रक्षा की है। स्थानीय लोगों ने प्राकृतिक संसाधनों का
सावधानीपूर्वक उपयोग और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के लिए अपने रीति-रिवाजों और
धार्मिक आस्थाओं का पालन किया। उन्होंने वन्यजीवों के आवासों को संरक्षित करने और
वन्यजीवों की शिकार जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए कई प्रयास किए हैं। इस प्रकार, समुदायों का पारंपरिक ज्ञान वनों और
वन्यजीव संरक्षण में सहायक रहा है।
(ii) वन और वन्यजीव संरक्षण में सहायक धार्मिक प्रथाओं पर एक
निबंध लिखें।
उत्तर:
धार्मिक परंपराएं
और आस्थाएं सदियों से पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आई हैं।
विभिन्न धर्मों में प्रकृति और वन्यजीवों को पवित्र माना जाता है, जैसे कि बौद्ध धर्म में वृक्षों की पूजा
और जैन धर्म में अहिंसा का सिद्धांत, जो सभी जीवों की रक्षा पर जोर देता है।