Chapter 1 विकास Development Class 10 NCERT Economics

 

Learn about “Vikas” (Development) in Hindi: its
definition, types, factors affecting it, and key challenges in economic, human,
and sustainable development.

Chapter 1 विकास Development

Class 10 NCERT Economics – आर्थिक विकास की
समझ
| Questions Answers

Updated for
2024-2025 Exams

 

संकल्पना मानचित्र
Concept Map

  1. विकास की
    परिभाषा
    • विकास का
      मतलब अलग-अलग संदर्भों में अलग होता है।
    • इसमें जीवन
      स्तर में सुधार
      , आर्थिक
      समृद्धि और पर्यावरणीय स्थिरता शामिल होती है।
  2. विकास के
    प्रमुख आयाम
    • आर्थिक
      विकास
      :
      • आय, रोजगार और आर्थिक वृद्धि पर
        केंद्रित।
      • सकल घरेलू
        उत्पाद (
        GDP) और प्रति
        व्यक्ति आय जैसे मापदंडों से मापा जाता है।
    • मानव विकास:
      • स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता में
        सुधार।
      • जीवन
        प्रत्याशा
        , साक्षरता
        दर और मानव विकास सूचकांक (
        HDI) मुख्य संकेतक हैं।
    • सतत विकास:
      • ऐसा विकास
        जो भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को प्रभावित न करे।
      • पर्यावरण
        संरक्षण और संसाधनों के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करता है।
  3. विकास को
    प्रभावित करने वाले कारक
    • आय असमानता:
      • विकास
        विभिन्न समूहों
        , क्षेत्रों
        और देशों में असमान होता है।
      • आर्थिक और
        सामाजिक असमानताएं विकास के अनुभव को प्रभावित करती हैं।
    • सामाजिक
      ढांचे
      :
      • जाति, लिंग और क्षेत्रीय असमानताएं
        संसाधनों और अवसरों तक पहुंच को प्रभावित करती हैं।
    • वैश्विक
      तुलना
      :
      • आर्थिक और
        मानव विकास संकेतकों के आधार पर देशों की तुलना से विकास का स्तर समझा जाता
        है।
  4. विकास को
    मापने के तरीके
    • सकल घरेलू
      उत्पाद (
      GDP):
      • आर्थिक
        विकास का सबसे सामान्य मापदंड
        , परंतु इसकी सीमाएँ हैं।
    • मानव विकास
      सूचकांक (
      HDI):
      • जीवन
        प्रत्याशा
        , शिक्षा और
        प्रति व्यक्ति आय के संकेतकों को मिलाकर देशों की रैंकिंग की जाती है।
    • सतत विकास
      मापदंड
      :
      • संसाधनों
        के उपयोग
        , पर्यावरणीय
        प्रभाव और सतत नीतियों से जुड़े मापदंड।
  5. विकास में
    चुनौतियाँ
    • पर्यावरणीय
      क्षरण
      , आर्थिक
      असमानताएँ और सामाजिक असमानताएँ प्रमुख बाधाएँ हैं।
    • समाधान के
      लिए आर्थिक वृद्धि और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन आवश्यक है।

प्रश्न 1: विकास क्या है?

उत्तर: विकास (विकास) का अर्थ जीवन की गुणवत्ता
को सुधारना है
, जिसमें
आय
, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा शामिल
होती है। यह एक व्यापक प्रक्रिया है जो समाज के सभी क्षेत्रों में आर्थिक
, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति को
दर्शाती है।

प्रश्न 2: आर्थिक विकास और मानव विकास में क्या अंतर है?

उत्तर:

  • आर्थिक विकास का मतलब मुख्य रूप से आर्थिक
    समृद्धि से है
    , जिसे सकल घरेलू उत्पाद (GDP),
    आय और रोजगार के स्तर द्वारा मापा जाता
    है।
  • मानव विकास का मतलब लोगों के जीवन की
    गुणवत्ता में सुधार से है
    , जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन प्रत्याशा जैसे कारक शामिल
    होते हैं। मानव विकास सूचकांक (
    HDI) इसका मापदंड है।

प्रश्न 3: सतत विकास क्या है और इसका महत्व क्या है?

उत्तर: सतत विकास (Sustainable
Development) का मतलब ऐसा विकास है
जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों
को भी सुनिश्चित करता है। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि यह पर्यावरणीय संसाधनों के
संरक्षण और दीर्घकालिक संतुलित विकास पर ध्यान केंद्रित करता है।

प्रश्न 4: विकास को मापने के कौन-कौन से मापदंड हैं?

उत्तर:

  • सकल घरेलू उत्पाद (GDP): यह
    एक देश की आर्थिक गतिविधियों का मापदंड है।
  • मानव विकास सूचकांक (HDI): इसमें
    जीवन प्रत्याशा
    , शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय के
    आधार पर विकास का आकलन किया जाता है।
  • सतत विकास मापदंड: इसमें पर्यावरणीय स्थिरता और संसाधनों का
    प्रबंधन शामिल होता है।

प्रश्न 5: विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन
से हैं
?

उत्तर: विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख
कारक निम्नलिखित हैं:

  • आय और आर्थिक असमानता।
  • सामाजिक ढांचे (जैसे जाति, लिंग और क्षेत्रीय असमानता)।
  • संसाधनों की उपलब्धता और उनका उपयोग।
  • पर्यावरणीय परिस्थितियाँ और उनकी स्थिरता।

प्रश्न 6: आय असमानता का विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: आय असमानता का मतलब यह है कि विकास का
लाभ सभी वर्गों में समान रूप से नहीं मिलता। इससे समाज के कुछ हिस्से विकास से
वंचित रह जाते हैं
, जो
विकास की समग्र गति को धीमा करता है और सामाजिक असमानता को बढ़ावा देता है।

प्रश्न 7: मानव विकास सूचकांक (HDI) के मुख्य घटक क्या हैं?

उत्तर: मानव विकास सूचकांक (HDI) के तीन मुख्य घटक हैं:

  1. जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy),
  2. शिक्षा (Education) – औसत और अपेक्षित शिक्षा के वर्ष,
  3. प्रति व्यक्ति आय (Per Capita
    Income)

प्रश्न 8: वैश्विक स्तर पर विकास की तुलना कैसे की जाती
है
?

उत्तर: वैश्विक स्तर पर विकास की तुलना विभिन्न
मापदंडों
, जैसे
GDP, HDI और
सतत विकास मापदंडों के आधार पर की जाती है। इनसे देशों की आर्थिक और मानव विकास के
संदर्भ में रैंकिंग की जाती है।


प्रश्न 1: अलग-अलग लोग विकास की अवधारणा को अलग-अलग तरीके
से क्यों समझते हैं
?

उत्तर: अलग-अलग लोगों की जीवन की परिस्थितियाँ
और प्राथमिकताएँ भिन्न-भिन्न होती हैं
, इसलिए वे विकास के लक्ष्यों को भी अलग-अलग समझते हैं। किसी के
लिए आर्थिक प्रगति अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है
, तो किसी के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा। इस
प्रकार विकास की अवधारणा व्यक्तिगत इच्छाओं और आवश्यकताओं पर निर्भर करती है।

प्रश्न 2: विकास के कुछ ऐसे उदाहरण दीजिए जहाँ विकास के
अन्य कारक आर्थिक विकास से अधिक महत्वपूर्ण हैं।

उत्तर: विकास के कुछ उदाहरण जहाँ आर्थिक विकास
के अलावा अन्य कारक महत्वपूर्ण होते हैं:

  1. मानव विकास: बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ।
  2. पर्यावरणीय विकास: स्वच्छ जल, वायु गुणवत्ता और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण।
  3. सामाजिक विकास: जाति, धर्म, और लिंग में समानता का महत्व।

प्रश्न 3: औसत आय विकास को समझने का एक महत्वपूर्ण मापदंड
क्यों है
? समझाइए।

उत्तर: औसत आय किसी देश की आर्थिक स्थिति का एक
संकेतक है। यह दर्शाता है कि देश के नागरिकों की आय का औसत स्तर क्या है
, जो जीवन स्तर का भी संकेत देता है।
हालांकि
, यह
मापदंड सभी लोगों की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता
, क्योंकि इसमें आय असमानता को ध्यान में
नहीं रखा जाता।

प्रश्न 4: औसत आय के अलावा विकास का आकलन करने के लिए किन
अन्य कारकों का उपयोग किया जा सकता है
?

उत्तर: औसत आय के अलावा विकास को मापने के अन्य
महत्वपूर्ण कारक हैं:

  1. जीवन प्रत्याशा।
  2. साक्षरता दर।
  3. स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता।
  4. पर्यावरणीय स्थिरता।
  5. सामाजिक और आर्थिक समानता।

प्रश्न 5: सतत विकास का क्या महत्व है?

उत्तर: सतत विकास का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ियों
की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी सुरक्षित
रखना है। यह पर्यावरणीय संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करता है ताकि आने
वाली पीढ़ियाँ भी इन संसाधनों का लाभ उठा सकें।

प्रश्न 1: सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर
निर्धारित किया जा सकता है
?

  • (क) प्रति व्यक्ति आय
  • (ख) औसत साक्षरता दर
  • (ग) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति
  • (घ) उपरोक्त सभी
    उत्तर: (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन सा देश मानव विकास
सूचकांक के हिसाब से भारत से बेहतर स्थिति में है
?

  • (क) बांग्लादेश
  • (ख) श्रीलंका
  • (ग) नेपाल
  • (घ) पाकिस्तान
    उत्तर: (ख) श्रीलंका

प्रश्न 3: मान लें कि किसी देश में चार परिवार हैं,
जिनकी प्रति व्यक्ति आय 5000 रुपये है। यदि तीन परिवारों की आय क्रमशः 4000,
7000, और 3000 रुपये है, तो चौथे परिवार की आय कितनी होगी?

  • (क) 7500 रुपये
  • (ख) 3000 रुपये
  • (ग) 2000 रुपये
  • (घ) 6000 रुपये
    उत्तर: (क) 7500 रुपये

प्रश्न 4: विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के
लिए किस प्रमुख मापदंड का उपयोग करता है
? इस मापदंड की सीमाएँ क्या हैं?

उत्तर: विश्व बैंक किसी देश की प्रति व्यक्ति
आय को आधार बनाकर उसका वर्गीकरण करता है। इस मापदंड की सीमाएँ यह हैं कि यह विकास
के अन्य पहलुओं
, जैसे
स्वास्थ्य और शिक्षा
, पर
ध्यान नहीं देता।

प्रश्न 5: विकास मापने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा
उपयोग किया जाने वाला सूचकांक यू.एन.डी.पी. किस पहलू में विश्व बैंक के मापदंड से
भिन्न है
?

उत्तर: यू.एन.डी.पी. (संयुक्त राष्ट्र विकास
कार्यक्रम) का मानव विकास सूचकांक (
HDI) केवल प्रति व्यक्ति आय पर निर्भर नहीं होता बल्कि इसमें शिक्षा
और जीवन प्रत्याशा को भी मापा जाता है।

प्रश्न 6: हम औसत का उपयोग क्यों करते हैं? क्या इसके उपयोग में कुछ सीमाएँ हैं? अपने उत्तर में उदाहरणों का प्रयोग करें।

उत्तर: औसत का उपयोग विभिन्न आंकड़ों के
सामान्य स्तर को मापने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग करने में समस्या यह है कि
यह असमानता को नहीं दर्शाता
, जैसे
कि यदि कुछ लोगों की आय बहुत अधिक हो और कुछ की बहुत कम
, तो औसत वास्तविकता से दूर हो सकता है।

प्रश्न 7: प्रति व्यक्ति आय कम होने के बावजूद ओडिशा का
मानव विकास सूचकांक (
HDI) केरल से
अधिक क्यों है
?

उत्तर: ओडिशा की प्रति व्यक्ति आय कम होने के
बावजूद इसका
HDI बेहतर
इसलिए है क्योंकि इस राज्य ने स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के लिए अधिक प्रयास
किए हैं
, जो
कि
HDI में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 8: भारत के लोग विकास के किन स्रोतों का उपयोग
करते हैं
? भविष्य
में क्या संभावनाएँ हो सकती हैं
?

उत्तर: भारत में लोग कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों का
उपयोग करते हैं। भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीकी उन्नति की संभावनाएँ हैं।

प्रश्न 9: घरेलूता का मुद्दा विकास के लिए क्यों
महत्वपूर्ण है
?

उत्तर: घरेलूता का मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है
क्योंकि इसमें हर किसी के जीवन स्तर को सुधारने का उद्देश्य होता है
, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर
स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

प्रश्न 10: “धरती के पास सभी लोगों की आवश्यकताओं को पूरा
करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं
, लेकिन
किसी भी व्यक्ति की लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।” यह
कथन विकास की चर्चा में कैसे प्रासंगिक है
?

उत्तर: यह कथन इस बात को स्पष्ट करता है कि
संसाधनों का संतुलित और न्यायसंगत वितरण आवश्यक है। यदि लालच पर नियंत्रण नहीं रखा
गया
, तो संसाधनों का
दुरुपयोग होगा
, जिससे
सतत विकास बाधित होगा।

प्रश्न 11: पर्यावरणीय क्षति के उदाहरणों की सूची बनाएं जो
आपने अपने आस-पास देखे हैं।

उत्तर:

  1. पेड़ों की कटाई
  2. जल प्रदूषण
  3. वायु प्रदूषण
  4. भूमि क्षरण

Sample तालिका 1-6 (Indicative Data):

देश

प्रति व्यक्ति आय (US $)

मानव विकास सूचकांक (HDI)

जीवन प्रत्याशा (साल)

शिक्षा का औसत वर्ष

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

65,000

0.926

79

13.3

श्रीलंका

3,850

0.780

76

10.9

बांग्लादेश

1,850

0.637

72

8.2

नेपाल

1,100

0.602

70

7.9


प्रश्न 12: तालिका 1-6 में दिए गए प्रत्येक सूचक के लिए यह पहचानें कि
कौन-सा देश सबसे ऊपर और कौन-सा सबसे नीचे है।

उत्तर:

·       प्रति व्यक्ति आय (US
$)
:

    • सबसे ऊपर: संयुक्त राज्य अमेरिका (65,000 US $)
    • सबसे नीचे: नेपाल (1,100 US $)

·       मानव विकास सूचकांक (HDI):

    • सबसे ऊपर: संयुक्त राज्य अमेरिका (0.926)
    • सबसे नीचे: नेपाल (0.602)

·       जीवन प्रत्याशा (साल):

    • सबसे ऊपर: संयुक्त राज्य अमेरिका (79 वर्ष)
    • सबसे नीचे: नेपाल (70 वर्ष)

·       शिक्षा का औसत वर्ष:

    • सबसे ऊपर: संयुक्त राज्य अमेरिका (13.3 वर्ष)
    • सबसे नीचे: नेपाल (7.9 वर्ष)

प्रश्न 13: भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु के वयस्कों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI)
कितना है और इसके आधार पर उनकी पोषण स्थिति
क्या है
?

उत्तर: भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु के वयस्कों के लिए औसत बॉडी
मास इंडेक्स (
BMI) लगभग
18.5 से 24.9 के बीच होना चाहिए, जो सामान्य पोषण स्थिति को दर्शाता है।
लेकिन
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-4)
के अनुसार, इस आयु वर्ग के अधिकांश वयस्कों का BMI
18.5 से कम है, जो कुपोषण का संकेत देता है।

  • BMI के
    आधार पर पोषण स्थिति
    :
    • जिनका BMI 18.5 से कम होता है, वे कुपोषित माने जाते हैं।
    • जिनका BMI 18.5 से 24.9 के बीच होता है, वे सामान्य माने जाते हैं।
    • जिनका BMI 25 से अधिक होता है, उन्हें अधिक वजन या मोटापा माना जाता है।

यह समस्या भारत के
ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष रूप से महिलाओं के बीच अधिक पाई जाती है
, जो पोषण और स्वास्थ्य की असमानता को
दर्शाती है।

प्रश्न 13: भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु के वयस्कों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI)
कितना है और इसके आधार पर उनकी पोषण स्थिति
क्या है
?

उत्तर: भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु के वयस्कों का औसत बॉडी मास
इंडेक्स (
BMI) निम्नलिखित
है:

लिंग

भारत का औसत BMI

पुरुष

20.4

महिलाएँ

21.8

यह आंकड़े राष्ट्रीय
परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (
NFHS-4)
के अनुसार हैं।

  • BMI के
    आधार पर पोषण स्थिति
    :
    • जिन व्यक्तियों का BMI 18.5 से कम होता है, उन्हें कुपोषित माना जाता
      है।
    • जिन व्यक्तियों का BMI 18.5 से 24.9 के
      बीच होता है
      , उन्हें सामान्य माना जाता
      है।
    • जिन व्यक्तियों का BMI 25 से
      अधिक
      होता है, उन्हें अधिक वजन या मोटापा माना जाता
      है।

भारत में पोषण की स्थिति:

  • पुरुषों का औसत BMI 20.4 है,
    जो सामान्य सीमा के अंदर आता है लेकिन कुछ
    पुरुष कुपोषण की स्थिति में भी हो सकते हैं।
  • महिलाओं का औसत BMI 21.8 है,
    जो सामान्य माना जाता है, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का BMI
    अक्सर कम होता है, जो कुपोषण का संकेत है।

निष्कर्ष:

भारत में वयस्कों का
औसत
BMI सामान्य है, लेकिन कई क्षेत्रों, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और महिलाओं
में
, कुपोषण की समस्या अभी
भी बनी हुई है।



 

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