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CBSE Class 12 Hindi Core Solved Sample Question Paper (2024-25)
कक्षा 12 हिंदी (आधार) नमूना प्रश्न पत्र (2024-25)
CBSE प्रतिदर्श प्रश्न पत्र 2024-25 विषय: हिंदी (आधार) कक्षा: बारहवीं
विषय कोड: (302) निर्धारित समय: 03 घंटे अधिकतम अंक: 80 अंक
सामान्य निर्देश:
- निम्नलिखित
निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका पालन कीजिए: - यह प्रश्न
पत्र तीन खंडों में विभाजित है। - खंड – क में अपठित
बोध पर आधारित प्रश्न पूछे गए हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है। - खंड – ख में
पाठ्यपुस्तक अभिव्यक्ति
और माध्यम से प्रश्न पूछे गए हैं। प्रश्नों में आंतरिक विकल्प
दिए गए हैं। - खंड – ग में
पाठ्यपुस्तक आरोह तथा वितान से प्रश्न
पूछे गए हैं। प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं। - तीनों खंडों
के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है। - यथासंभव
तीनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः लिखिए।
Concept Map
खंड – क (अपठित बोध) | Section A (Unseen Comprehension)
Total Marks: 18
| कुल अंक: 18
- गद्यांश
आधारित प्रश्न (10 अंक) | Passage-based Questions (10 Marks) - Passage 1 comprehension | गद्यांश 1 की समझ
- Objective and descriptive
questions | वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक प्रश्न - Main themes: communication,
personal integrity, societal values | मुख्य विषय: संवाद कौशल, व्यक्तिगत ईमानदारी, सामाजिक मूल्य - पद्यांश
आधारित प्रश्न (8 अंक) | Poem-based Questions (8 Marks) - Passage 2 comprehension | पद्यांश 2 की समझ
- Poetic expressions and
interpretation | कवितात्मक अभिव्यक्ति और उसकी व्याख्या - Themes: manipulation, humor,
societal criticism | विषय: आँकड़ों का खेल, हास्य, समाज की आलोचना
खंड – ख (अभिव्यक्ति और माध्यम) | Section B (Expression and Media)
Total Marks: 22
| कुल अंक: 22
- रचनात्मक लेख
(120 शब्द) – 1 प्रश्न (6 अंक) | Creative Writing (120 words) – 1
Question (6 Marks) - Options:
- विद्यालय
का वह खास दिन | A
special day in school - बारिश में
बिना छतरी | Rain
without an umbrella - हवाई जहाज
के बिना दुनिया | World
without airplanes - Focus: Creativity, structure, and
language fluency | रचनात्मकता, संरचना, और भाषा की शुद्धता - लघु उत्तर
प्रश्न (40 शब्द) – 4 प्रश्न (8 अंक) | Short Answer Questions (40
words) – 4 Questions (8 Marks) - Topics: narrative structure,
unexpected topics, media limitations, freelance journalism | विषय: कथा
संरचना, अप्रत्याशित
विषय, मीडिया की
सीमाएँ, स्वतंत्र
पत्रकारिता - विस्तृत
उत्तर प्रश्न (80 शब्द) – 2 प्रश्न (8 अंक) | Detailed Answer Questions (80 words) – 2 Questions
(8 Marks) - Topics:
- मुद्रित
माध्यम की विशेषताएँ | Print media characteristics - उल्टा
पिरामिड शैली |
Inverted Pyramid writing style - खेल
पत्रकारिता का महत्व | Importance of sports journalism - Analytical questions with
detailed explanations | विश्लेषणात्मक प्रश्नों के विस्तृत उत्तर
खंड – ग (पाठ्यपुस्तक आरोह एवं वितान पर आधारित प्रश्न) | Section C (Textbook-based Questions:
Aroh & Vitan)
Total Marks: 40
| कुल अंक: 40
- काव्यांश आधारित
प्रश्न (5 MCQs – 5
अंक) | Poem-based Questions (5 MCQs – 5
Marks) - Poetic excerpt interpretation | काव्यांश की
व्याख्या - Themes: revolution, societal
impact, nature | विषय: क्रांति, समाज पर
प्रभाव, प्रकृति - लघु उत्तर
प्रश्न (60 शब्द) – 2 प्रश्न (6 अंक) | Short Answer Questions (60
words) – 2 Questions (6 Marks) - Topics: loneliness, social
issues, traditional values | विषय: एकाकीपन, सामाजिक समस्याएँ, पारंपरिक मूल्य - लघु उत्तर
प्रश्न (40 शब्द) – 2 प्रश्न (4 अंक) | Short Answer Questions (40
words) – 2 Questions (4 Marks) - Interpretation of complex
situations and satire on media | जटिल परिस्थितियों की व्याख्या और मीडिया पर व्यंग्य - गद्यांश
आधारित प्रश्न (5 MCQs – 5 अंक) | Passage-based Questions (5 MCQs
– 5 Marks) - Philosophical reflections on life
and death | जीवन और मृत्यु पर दार्शनिक चिंतन - विस्तृत
उत्तर प्रश्न (60 शब्द) – 2 प्रश्न (6 अंक) | Detailed Answer Questions (60 words) – 2 Questions
(6 Marks) - Topics: Panchayat injustice,
market reality, scientific fact in love metaphors | विषय: पंचायत अन्याय, बाजार का यथार्थ, प्रेम में वैज्ञानिक सत्य - लघु उत्तर
प्रश्न (40 शब्द) – 2 प्रश्न (4 अंक) | Short Answer Questions (40
words) – 2 Questions (4 Marks) - Topics: moral qualities, Gandhi’s
resilience, Ambedkar’s views on slavery | विषय: नैतिक विशेषताएँ, गांधीजी का दृढ़ संकल्प, आंबेडकर के विचार - विस्तृत
उत्तर प्रश्न (100 शब्द) – 2 प्रश्न (10 अंक) | Detailed Answer Questions (100 words) – 2 Questions
(10 Marks) - Topics: Changing family values,
impact of loneliness on creativity, Mohenjo-daro as a tourist site | विषय: बदलते
पारिवारिक मूल्य, अकेलेपन का
रचनात्मकता पर प्रभाव, मोहनजोदड़ो का दौरा
खंड – क (अपठित बोध) – [18 अंक]
प्रश्न 1: निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए (10 अंक)
गद्यांश: अच्छी बात करने वाला सभी का मान-सम्मान हासिल करता है, जबकि अनावश्यक रूप से नकारात्मक बात करने
वाला अपने तमाम गुणों के बावजूद समाज में सम्मान नहीं पा सकता। बात चाहे व्यक्तिगत
संबंधों की हो या राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की, हर जगह बातों की कारीगरी का बड़ा महत्व
है। बातों ने बड़े से बड़े युद्ध को रोका है तो बड़े से बड़े युद्ध करवाया भी है।
बातों की महत्ता
इससे साबित होती है कि वे सकारात्मक भाव से कही जा रही हैं या नकारात्मक भाव से।
बातें किसी के मन से निकलती हैं, वे राग या विराग
होती हैं। इसका असर बोलने और सुनने वाले दोनों पर होता है। कबीर कहते हैं, “ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए, औरन को शीतल करे, आपहूं शीतल होए।”
व्यक्ति की सफलता
इन्हीं राहों से होकर गुजरती है। व्यक्ति की बातें उसके व्यक्तित्व का आईना होती
हैं। पहले धैर्य के साथ सुनना, समझना, मनन करना, फिर बोलना—यह कला जिस व्यक्ति में होती है, वह जीवन की हर बाजी जीतने की क्षमता रखता
है। कोई नौकरीपेशा हो, व्यापारी हो, कलाकार हो या अन्य कोई कार्य करता हो, सभी की सफलता के लिए वाकपटुता आवश्यक है।
बातों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि व्यक्ति की कथनी और करनी में
सामंजस्य आवश्यक है। ‘कहना कुछ, करना कुछ‘ जैसी चीज़ें पूरे
समाज को नुकसान पहुंचाती हैं।
(साभार – संगीता सहाय – नवभारत टाइम्स – 23 अप्रैल, 2024)
- (क) बात का महत्त्व किस पर आधारित
होता है? - i. माहौल पर
- ii. सकारात्मक या नकारात्मक होने पर
- iii. संवेदनशीलता पर
- iv. बोलने-सुनने वालों पर
- उत्तर: सकारात्मक
या नकारात्मक होने पर (ii) [1 अंक] - (ख) बापू के आचरण में हमें क्या नहीं
मिलेगा? - i. कथनी-करनी में समानता
- ii. साधुत्व
- iii. जीतने की इच्छा
- iv. वाकपटुता
- उत्तर: जीतने की
इच्छा (iii) [1 अंक] - (ग) निम्नलिखित कथनों पर विचार
कीजिए: - कथन I: बात में सकारात्मक-नकारात्मक ऊर्जा
होती है। - कथन II: बात सम्मान-असम्मान का आधार हो
सकती है। - कथन III: विवाद का समाधान बात पर आधारित
होता है। - कथन IV: नकारात्मक बात करने वाले गुणी होते
हैं।
इनमें से कौन-सा/से कथन सही हैं?
- i. केवल कथन I और II सही हैं।
- ii. केवल कथन II सही है।
- iii. केवल कथन I, II और III सही हैं।
- iv. केवल कथन III और IV सही हैं।
- उत्तर: केवल कथन I, II और III सही हैं। (iii) [1 अंक]
- (घ) व्यक्ति की सफलता का मार्ग क्या
है? - उत्तर: धैर्य के
साथ सुनना, समझना, मनन करना और फिर बोलना। [1 अंक] - (ङ) युद्ध कराने और रोकने की कारीगरी
का आधार बातें कैसे हो सकती हैं? - उत्तर: सकारात्मक
या नकारात्मक भाव की संचारक बातें ही हो सकती हैं। [2 अंक] - (च) कबीर के दृष्टिकोण में वाणी
अर्थात बातों की शीतलता से क्या आशय है? - उत्तर: मनुष्य जो
बातें करता है उनमें सकारात्मक भाव, संवेदनशीलता, राग, स्नेहिल भाव होने चाहिए। [2 अंक] - (छ) कथनी और करनी का भेद समाज को
कैसे नुकसान पहुँचाता है? - उत्तर: अविश्वसनीयता
का संचार होता है, जिससे आपसी
संबंध बिगड़ जाते हैं। [2 अंक]
प्रश्न 2: निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए (08 अंक)
पद्यांश: एक बार मुझे आँकड़ों की उखियाएँ होने लगीं। गिनते-गिनते जब संख्या करोड़ों के पार करने लगी, मैं बेहाल हो गया। होश आया तो मैं अस्पताल में था, खून चढ़ाया जा रहा था, ऑक्सीजन दी जा रही थी, मैं चिल्लाया— “डॉक्टर, मुझे बुरी तरह हंसी आ रही है। यह हंसानेवाली गैस है शायद, प्राण बचानेवाली नहीं। तुम मुझे हंसने पर मजबूर नहीं कर सकते, इस देश में हर एक को अफ़सोस के साथ जीने का पैदाइशी हक है, वरना कोई मरे नहीं होते हमारी आज़ादी और लोकतंत्र।” डॉक्टर ने कहा— “आंकड़ों का वायरस बुरी तरह फैल रहा है, सीधे दिमाग़ पर असर करता है। भाग्यशाली हो, बच गए। कुछ भी हो सकता था तुम्हारे साथ।”
(क) कवि के अनुसार आँकड़ों से क्या किया
जा सकता है?
- i. केवल कथन I सही है।
- ii. केवल कथन III सही है।
- iii. कथन II और III सही हैं।
- iv. कथन I और IV सही हैं।
- उत्तर: केवल कथन I सही है। (i) [1 अंक]
(ख) कवि की हंसी का संभावित कारण क्या था?
- i. खून तथा ऑक्सीजन चढ़ाया जाना
- ii. हंसाने वाली गैस
- iii. गलत और झूठे आँकड़े
- iv. आँकड़ों की उखियाएँ
- उत्तर: गलत और झूठे
आँकड़े (iii) [1 अंक]
(ग) कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए:
|
कॉलम 1 |
कॉलम 2 |
|
I. आज़ादी और लोकतंत्र |
1. गुमराह रखने का हथियार |
|
II. आँकड़ों का वायरस |
2. वास्तविकता में रहना |
|
III. अफ़सोस के साथ जीना |
3. सच छिपाने का अधिकार |
- i. I-(2), II-(1), III-(3)
- ii. I-(1), II-(3), III-(2)
- iii. I-(1), II-(2), III-(3)
- iv. I-(3), II-(1), III-(2)
- उत्तर: I-(3), II-(1), III-(2) (iv) [1 अंक]
(घ) “आँकड़ों की उखियाएँ” से
कवि का क्या तात्पर्य है?
- उत्तर: आँकड़ों से
अत्यधिक घिरे रहना। [1 अंक]
(ङ) आँकड़ों का वायरस सीधे दिमाग़ पर कैसे
असर करता है?
- उत्तर: आँकड़ों से
भ्रम उत्पन्न किया जाता है। इंसान झूठ को सच मानने लगता है। आँकड़ों का
लंबा-चौड़ा जाल बुना जाता है, जो भ्रामक होता है। [2 अंक]
(च) डॉक्टर के अनुसार कवि के साथ कुछ भी
हो सकता था, इसका क्या तात्पर्य है?
- उत्तर: सभी अपनी बात
समझाने के लिए आँकड़ों के खेल में लगे हैं। आँकड़ों को अपने पक्ष में
बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। आँकड़े सच को सामने लाने की जगह, सच को छिपाने के लिए अपनी
सुविधानुसार दिखाए जा रहे हैं। [2 अंक]
खंड – ख (अभिव्यक्ति और माध्यम)
प्रश्न 3: निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए: (6 अंक)
- विषय 1: विद्यालय का वह खास दिन
उत्तर:
विद्यालय का वह
खास दिन मेरे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है। वह दिन विद्यालय के वार्षिक उत्सव का
था। हम सभी विद्यार्थी रंग-बिरंगे कपड़े पहने हुए थे। चारों ओर हर्ष और उल्लास का
वातावरण था। सुबह से ही विद्यालय की सजावट में सभी व्यस्त थे। मेरे कक्षा अध्यापक
ने मुझे नाटक में भूमिका दी थी, जो उस दिन मंचित
होना था। नाटक के दौरान मेरी थोड़ी घबराहट थी, परन्तु दर्शकों की तालियों ने मेरे आत्मविश्वास को बढ़ा
दिया। नाटक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ और हमारे विद्यालय को विशेष प्रशंसा प्राप्त
हुई। वह दिन मेरे लिए विशेष था क्योंकि मैंने अपने विद्यालय के नाम को ऊँचा करने
में एक छोटा योगदान दिया। आज भी जब उस दिन की याद आती है, चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
- विषय 2: बारिश में बिना छतरी
उत्तर:
बारिश में बिना
छतरी चलना किसी रोमांच से कम नहीं होता। एक दिन अचानक बारिश आ गई और मेरे पास छतरी
नहीं थी। शुरुआत में मैं थोड़ा घबरा गया, परंतु फिर मुझे महसूस हुआ कि यह एक अलग अनुभव है। बारिश की
बूँदें जब मेरे चेहरे पर गिर रही थीं, तो मैंने खुद को प्रकृति के करीब महसूस किया। चारों ओर पानी
ही पानी था, लेकिन उस समय का आनंद कुछ और ही था।
हालांकि मेरे कपड़े पूरी तरह भीग गए, परंतु मैं मुस्कुराता रहा। भीगते-भीगते मैंने अपने जीवन में
पहली बार बारिश का असली मजा लिया। यह अनुभव मुझे यह सिखा गया कि जीवन में कभी-कभी
अनियोजित चीज़ें भी सुखद होती हैं।
- विषय 3: हवाई जहाज के बिना दुनिया
उत्तर:
आज की आधुनिक
दुनिया हवाई जहाज के बिना अधूरी लगती है। यदि हवाई जहाज न होते, तो हमारा जीवन पूरी तरह से अलग होता।
हवाई जहाज ने दूरियों को घटाकर समय बचाया है। बिना हवाई जहाज के अंतरराष्ट्रीय
व्यापार, पर्यटन, और वैश्विक कनेक्टिविटी में रुकावट आ जाती। कल्पना कीजिए कि
कितनी ही जगहें अज्ञात रहतीं और कितने अवसरों से हम वंचित रह जाते। यात्राओं में
हफ्तों लग जाते और आपातकालीन सेवाएँ भी धीमी हो जातीं। इस आधुनिक सुविधा ने हमें
विश्व को करीब से देखने और समझने का मौका दिया है। इसलिए हवाई जहाज के बिना दुनिया
उतनी सरल और गतिशील नहीं होती, जितनी आज है।
प्रश्न 4: निम्नलिखित प्रश्नों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर किन्हीं चार
प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए: (8 अंक)
- कहानी और
नाटक किन बिंदुओं पर समान होते हैं? - उत्तर: कहानी और
नाटक दोनों में कथा, पात्र, परिवेश, संवाद, और घटनाओं का क्रमिक विकास होता
है। दोनों में संघर्ष और चरम उत्कर्ष भी होता है। अंतर केवल यह है कि नाटक
मंच पर संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, जबकि कहानी पाठक के मन में चित्रित
होती है। [2 अंक] - अप्रत्याशित
विषयों पर लेखन से क्या अभिप्राय है? - उत्तर: अप्रत्याशित
विषयों पर लेखन का अर्थ उन विषयों पर लिखना है जिनकी कोई पूर्व अपेक्षा नहीं
होती। ये विषय सामान्यतः ऐसे होते हैं जो पहले से चर्चित या रटे हुए नहीं
होते। अप्रत्याशित विषय नवीन होते हैं और नए दृष्टिकोण की माँग करते हैं। [2 अंक] - रेडियो संचार
का कैसा माध्यम है? इसकी कुछ सीमाएँ लिखें। - उत्तर: रेडियो एक
श्रव्य माध्यम है, जिसमें
ध्वनि के माध्यम से जानकारी संप्रेषित की जाती है। इसकी सीमाएँ यह हैं कि
इसे पीछे लौटकर नहीं सुना जा सकता, और श्रोता के पास कोई दृश्य सामग्री नहीं होती।
कभी-कभी जानकारी भ्रामक या अस्पष्ट हो सकती है। [2 अंक] - फ्रीलांसर
पत्रकार कौन होता है? - उत्तर: फ्रीलांसर
पत्रकार वह होता है जो किसी विशेष समाचार संगठन से संबद्ध नहीं होता। वह
स्वतंत्र रूप से काम करता है और अपने लेखन को अलग-अलग समाचार पत्रों या
मीडिया संगठनों को बेचता है। वह अनुबंध के आधार पर कार्य करता है। [2 अंक] - लेखक और
अप्रत्याशित विषयों पर लेखन के कुछ लाभ बताइए। - उत्तर: अप्रत्याशित
विषयों पर लेखन के लाभ यह हैं कि यह आपकी मौलिकता को प्रकट करता है और लेखन
कौशल को विकसित करता है। यह पाठक को नए दृष्टिकोण से चीज़ों को देखने की
क्षमता देता है और लेखक को नया सीखने का अवसर प्रदान करता है। [2 अंक]
प्रश्न 5: निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 80 शब्दों में उत्तर दीजिए: (8 अंक)
- प्रिंट या
मुद्रित माध्यम से आप क्या समझते हैं? इसकी किन्हीं तीन विशेषताओं को रेखांकित कीजिए। - उत्तर: मुद्रित
माध्यम वह माध्यम है जिसमें सूचनाओं को कागज पर छापा जाता है, जैसे अखबार, पत्रिकाएँ, और पुस्तकें। इसकी तीन विशेषताएँ
हैं: - इसमें
स्थायित्व होता है, इसे
बार-बार पढ़ा जा सकता है। - इसे अपनी
गति और रुचि के अनुसार पढ़ा जा सकता है। - पढ़ते समय
रुककर गहन विचार किया जा सकता है। [4 अंक] - उल्टा
पिरामिड शैली किस प्रकार के लेखन की बुनियादी शैली होती है? इसके मुख्य तीन भागों को स्पष्ट
करें। - उत्तर: उल्टा
पिरामिड शैली समाचार लेखन की बुनियादी शैली होती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण
जानकारी सबसे ऊपर दी जाती है। इसके तीन मुख्य भाग होते हैं: - मुखड़ा या
इंट्रो: लेख की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी। - बॉडी:
विस्तृत विवरण। - निष्कर्ष:
समापन में अन्य जानकारियाँ दी जाती हैं। [4 अंक] - खेल
पत्रकारिता के महत्त्व को रेखांकित करते हुए बताएँ कि खेल पत्रकार में क्या
विशेषताएँ होनी आवश्यक हैं। - उत्तर: खेल
पत्रकारिता आज के दौर में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है क्योंकि यह खेल की खबरें, खिलाड़ी, और खेल से जुड़ी घटनाओं को कवर
करती है। खेल पत्रकार को खेल की तकनीक, नियमों, और बारीकियों की अच्छी समझ होनी चाहिए। उसे
खिलाड़ियों और खेल से जुड़े अन्य व्यक्तियों का गहन ज्ञान होना चाहिए। [4 अंक]
खंड – ग (पाठ्यपुस्तक आरोह तथा वितान पर आधारित प्रश्न)
प्रश्न 6: निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के
सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए: (5 अंक)
काव्यांश:
फिर-फिर
बार-बार गिरते
वर्षण है मूसलधार,
हृदय थाम लेता
संसार,
सुन-सुन घन की
वज्र-हुंकार।
अशनि-पात से शानित
उन्नत शत-शत वीर,
क्षत-विक्षत हत
अंग-शरीर,
गगन-स्पर्शी
स्पर्धाय धीर।
हंसते हैं छोटे
पौधे निर्भार—
शस्य अपार,
नहि-नहि,
खिल-खिल,
हाथ हिलाते,
तुझे बुलाते,
विप्लव-रव से छूटे
ही हैं शुभ्र आपाते।
- क्रांति का
लाभकारी वर्ग कौन है? - i. पूंजीपति
- ii. छोटे पौधे
- iii. बड़े पेड़
- iv. श्रमिक वर्ग
- उत्तर: छोटे पौधे (ii) [1 अंक]
- ‘गगन-स्पर्शी स्पर्धाय’ पंक्ति के
अनुसार सही कथन चुनिए: - i. आकाश को छूने की कोशिश
- ii. बादलों को छूने की चाह
- iii. अत्यधिक महत्वाकांक्षी होना
- iv. चुनौतियों का सामना करना
- उत्तर: अत्यधिक
महत्वाकांक्षी होना (iii) [1 अंक] - रिक्त स्थान
की पूर्ति कीजिए – “क्रांति के ___________ के जैसे वज्र गिरता है।” - i. हथियारों
- ii. बादलों
- iii. वीरों
- iv. मूसलधार
- उत्तर: बादलों (ii) [1 अंक]
- निम्नलिखित
कथन और कारण का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें और सही विकल्प चुनें: - कथन (A): क्रांति से शोषकों के शोषण का अंत
संभव है। - कारण (R): क्रांति शोषितों के अधिकार
सुनिश्चित करवा पाती है। - i. कथन (A) सही है, कारण (R) गलत है।
- ii. कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही है।
- iii. कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता।
- iv. कथन (A) सही है और कारण (R) दोनों सही हैं, कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
- उत्तर: कथन (A) सही है और कारण (R) दोनों सही हैं, कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है। (iv) [1 अंक]
- तेज बरसात या
क्रांति से कौन धराशायी हो जाते हैं? - i. गरीब और अमीर वर्ग
- ii. बड़े वृक्ष और छोटे पौधे
- iii. बड़े वृक्ष और पूंजीपति
- iv. बड़े वृक्ष और श्रमिक वर्ग
- उत्तर: बड़े वृक्ष
और पूंजीपति (iii) [1 अंक]
प्रश्न 7: निम्नलिखित प्रश्नों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर किन्हीं दो
प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए: (6 अंक)
- नदी ढलते के
बाद लौट रहे राही के कदम धीमे क्यों हो जाते हैं? पाठ ‘एक गीत‘ के आधार पर उत्तर दीजिए। - उत्तर: ‘एक गीत’ के अनुसार, राही का जीवन अकेलेपन में बीतता
है। शाम के समय उसके घर लौटने की कोई उत्सुकता नहीं होती, क्योंकि घर पर उसका कोई इंतजार
करने वाला नहीं है। वह जल्दी घर लौटने के लिए प्रेरित नहीं होता, इसलिए उसके कदम धीमे हो जाते हैं।
इस प्रकार के विचार आते ही उसके कदम थम जाते हैं। [3 अंक] - पाठ
‘कन्यादान’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि तुलसीदास की युगीन समस्याएँ आज भी
प्रासंगिक क्यों हैं? - उत्तर: तुलसीदास ने
अपनी रचनाओं में जो समस्याएँ चित्रित की हैं, वे आज भी प्रासंगिक हैं। इसमें वर्णित मूर्खता, नारी की दयनीय स्थिति, और आर्थिक कठिनाइयों के चित्रण में
बहुत सी समस्याएँ आज भी समाज में विद्यमान हैं। तुलसीदास की रचनाएँ समाज के
असली स्वरूप को प्रकट करती हैं, जो अब तक नहीं बदला है। [3 अंक] - ‘छोटा मेरा खेत’ कविता में कवि कागज़
की नाव को खेत के रूप में क्यों मानता है? - उत्तर: कविता ‘छोटा
मेरा खेत’ में कवि ने खेत की तुलना कागज की नाव से की है, क्योंकि जिस तरह से एक किसान अपने
खेत में बीज बोता है और उसकी देखभाल करता है, उसी प्रकार कवि अपनी काव्य रचना में विचारों को बोता
है। यह भी एक सृजनात्मक प्रक्रिया है, जो खेत में बीज डालने जैसी है। [3 अंक]
प्रश्न 8: निम्नलिखित प्रश्नों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर किन्हीं दो
प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए: (4 अंक)
- कविता ‘बात
सीधी थी पर’ में किसी बात को पेचीदा कैसे किया जाता है? - उत्तर: कविता ‘बात सीधी थी पर‘ में साधारण बात को जानबूझकर
घुमा-फिराकर या तोड़-मरोड़कर कहा जाता है। इस उलझन में सीधी बात समझ में
नहीं आती और बात जटिल हो जाती है। इस प्रकार, सत्य को छिपाने का प्रयास किया जाता है। [2 अंक] - कविता ‘कैमरे
में बंद अपाहिज’ में मीडिया पर व्यंग्य कैसे किया गया है? - उत्तर: कविता
‘कैमरे में बंद अपाहिज’ में यह व्यंग्य किया गया है कि कैसे मीडिया अपने
प्रचार-प्रसार और व्यावसायिक लाभ के लिए दूसरों की भावनाओं को आहत करता है।
अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए वह मानवीय संवेदनाओं की परवाह किए बिना किसी की
करुणा को बेचता है। [2 अंक] - रुबाइयाँ पाठ
में “आंगन में झूल रहा है नजरबाया है, बाकी तो वही चाँद पै जटाया है” से बापसी का संकेत कैसे
मिलता है? - उत्तर: इस पंक्ति
में बापसी का संकेत यह है कि मानव समाज अपनी पुरानी मान्यताओं और धारणाओं को
छोड़ने को तैयार नहीं है। जो चीज़ें कभी ख़त्म हो चुकी थीं, उन्हें फिर से अपनाने का प्रयास
किया जा रहा है, और यह
प्रतिगामी सोच का प्रतीक है। [2 अंक]
प्रश्न 9: निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त
उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए: (5 अंक)
गद्यांश:
मैं सोचता हूँ कि
पुराने की यह अंधकार-निप्सा क्यों नहीं समय रहते सावधान हो जाती? जीवन और मृत्यु, ये दोनों ही जगत के अनिवार्य और
अप्रामाणिक सत्य हैं। तुलसीदास ने अफसोस के साथ इसकी सच्चाई पर मुहर लगाई थी –
“धरा का प्रमाण यही तुलसी जो फरा सो झरा, जो बरा सो बुताना!” मैं सरिस के फूलों को देखकर कहता
हूँ कि क्यों नहीं फूलते ही समझ लेते कि झड़ना निश्चित है! सृष्टि कौन है? महाकाल-देवता खड़े विध्वंस कर रहे हैं, और जर्जर-जीर्ण पत्ते झड़ रहे हैं। उनमें
प्राणकण थोड़ा भी उर्ध्वमुखी है, वे टिक जाते हैं।
चिरंतन प्राणधारा और सर्वव्यापक कालानल का संघर्ष निरंतर चल रहा है। वृक्ष समझते
हैं कि जहाँ बने हैं, वहीं पर बने रहेंगे तो महाकाल-देवता की
आँख बंद कर देंगे। भटके हैं वे। निःशस्त्र रहते हैं, स्थिर बने रहते हैं, आगे की ओर मुंह किए रहते हैं तो तबाही की मार से बच सकते
हैं। समय न रुके।
- गद्यांश के
अनुसार वृक्ष क्या समझते हैं? - i. जहाँ हैं, वहीं बने रहेंगे।
- ii. प्राण और कालानल में संघर्ष
निश्चित है। - iii. कि वे बहुत भले-चंगे हैं।
- iv. परिवर्तन आवश्यक है।
- उत्तर: जहाँ हैं, वहीं बने रहेंगे। (i) [1 अंक]
- पुराने
फूल-पत्तों को यह क्यों समझना आवश्यक है कि ‘झड़ना निश्चित है’? - i. क्योंकि तुलसीदास ने इसे ही सत्य
माना है। - ii. महाकाल-देवता के विध्वंस के कारण।
- iii. जन्म और मृत्यु जगत का प्रामाणिक
सत्य है। - iv. जन्म और मृत्यु के आपसी संघर्ष के
कारण। - उत्तर: जन्म और
मृत्यु जगत का प्रामाणिक सत्य है। (iii) [1 अंक] - निम्नलिखित
कथनों पर विचार करते हुए सही कथन चुनिए: - i. अफसोस जीवन का सत्य है।
- ii. जो चीज़ फली-फूली है, उसका अंत निश्चित है।
- iii. न्याय का चक्र अचल है।
- iv. अंधकार प्राप्त संघर्ष से ही संभव
है। - उत्तर: जो चीज़
फली-फूली है, उसका अंत
निश्चित है। (ii) [1 अंक] - कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए:
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कॉलम 1 |
कॉलम 2 |
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I. जीवन का सत्य |
1. अंधकार-निप्सा |
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II. जीवन की स्थिरता |
2. चिरंतन प्राणधारा |
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III. जीवन की गति |
3. बुड़ापा और मरणशीलता |
- i. I-(3), II-(1), III-(2)
- ii. I-(1), II-(3), III-(2)
- iii. I-(1), II-(2), III-(3)
- iv. I-(2), II-(1), III-(3)
- उत्तर: I-(3), II-(1), III-(2) (i) [1 अंक]
- गद्यांश का
केंद्रीय भाव क्या हो सकता है? - i. सभी को अपने प्राण प्रिय हैं।
- ii. स्थिर रहना विनाशकारी है।
- iii. स्थिरता संघर्ष से आती है।
- iv. परिवर्तन प्रकृति का नियम है।
- उत्तर: परिवर्तन
प्रकृति का नियम है। (iv) [1 अंक]
प्रश्न 10: निम्नलिखित प्रश्नों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर किन्हीं दो
प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए: (6 अंक)
- भक्तिन पाठ
के आधार पर पंचायत द्वारा किए गए अन्याय पर टिप्पणी कीजिए। - उत्तर: ‘भक्तिन‘ पाठ में पंचायत ने गरीब लड़की के
साथ जो निर्णय लिया, वह पूर्णत:
अन्यायपूर्ण था। यह निर्णय असल में संपत्ति हड़पने की योजना का हिस्सा था।
लड़की की कोई बात नहीं सुनी गई और पंचों ने अपने स्वार्थ में अंधे होकर यह
अन्याय किया। पंचायत का यह निर्णय निर्दोष लड़की के साथ अन्याय का प्रतीक
है। [3 अंक] - ‘बाजार दर्शन’ पाठ के आधार पर बताएँ
कि भगत जी का व्यक्तित्व बाजार को कैसे समझाता है? - उत्तर: भगत जी
बाजार के भव्य आकर्षणों से प्रभावित नहीं होते। वे अपनी आवश्यकताओं और
इच्छाओं को साधारण रखते हैं। उनका व्यक्तित्व सरल और स्वाभाविक है। बाजार की
चकाचौंध उनके जीवन के मूल्यों को प्रभावित नहीं कर पाती। वे पैसे के व्यंग्य
और लोकाचार से परे रहते हैं। [3 अंक] - “काले मेघा पानी दे” – विज्ञान के
तथ्य पर आधारित प्रेम की नव्यता है। इस विचार को स्पष्ट करें। - उत्तर: ‘काले मेघा पानी दे’ गीत में
वैज्ञानिक तथ्य यह है कि बारिश से धरती हरी-भरी हो जाती है। इसी के साथ, लोकगीत में यह भाव प्रेम की
अभिव्यक्ति के लिए प्रयुक्त हुआ है। यहाँ पर विज्ञान और प्रेम का सुंदर
समन्वय किया गया है, जिसमें
बारिश प्रेम का प्रतीक बनकर उभरती है। [3 अंक]
प्रश्न 11: निम्नलिखित प्रश्नों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर किन्हीं दो
प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए: (4 अंक)
- कुट्टी
पहाड़ी की नैतिक विशेषताओं को आप अपने जीवन में कैसे समाहित करना चाहेंगे? - उत्तर: कुट्टी
पहाड़ी की नैतिक विशेषताएँ, जैसे सरलता और संवेदनशीलता, हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व रखती
हैं। इन गुणों को अपनाकर हम जीवन को सहज और परिपक्व बना सकते हैं। ये गुण
हमें दूसरों की भावनाओं को समझने और सही निर्णय लेने में मदद करते हैं। [2 अंक] - ‘नशरीष के फूल’ पाठ के आधार पर
स्पष्ट करें कि लेखक गांधीजी और नशरीष को एक समान क्यों बताता है? - उत्तर: ‘नशरीष के फूल‘ में लेखक गांधीजी और नशरीष को समान
बताता है क्योंकि नशरीष का पौधा हर प्रतिकूल परिस्थिति का सामना करते हुए भी
खड़ा रहता है, ठीक वैसे ही
जैसे गांधीजी ने आजादी की लड़ाई में अन्याय और हिंसा का सामना किया। वे सत्य
और अहिंसा पर अडिग रहे। [2 अंक] - बाबा साहेब
भीमराव आंबेडकर के अनुसार दासता की व्यापक परिभाषा क्या है? - उत्तर: बाबा साहेब
भीमराव आंबेडकर के अनुसार, दासता केवल कानूनी पराधीनता नहीं है। दासता का अर्थ
है कि व्यक्ति को अपने इच्छानुसार कार्य करने, पेशा चुनने, और अपनी स्वतंत्रता का उपयोग करने की आजादी न हो। यह
मानसिक और सामाजिक दासता भी है। [2 अंक]
प्रश्न 12: निम्नलिखित प्रश्नों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर किन्हीं दो
प्रश्नों के लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए: (10 अंक)
- कहानी ‘सलवॉर
वेंडोंग’ के आधार पर उन भारतीय जीवन-मूल्यों को समझाएँ जो समय के साथ बदल रहे
हैं। - उत्तर: ‘सलवॉर वेंडोंग’ कहानी भारतीय
जीवन-मूल्यों में परिवर्तन को उजागर करती है। पहले संयुक्त परिवारों का
प्रचलन था, जहाँ
बड़े-बुजुर्गों का आदर होता था और त्याग की भावना होती थी। आज यह परंपरा
धीरे-धीरे टूट रही है। परिवार छोटे हो रहे हैं, और लोग अपने रीति-रिवाजों और
परंपराओं से दूर हो रहे हैं। बड़े-बुजुर्गों का अनादर बढ़ रहा है और
आधुनिकता के साथ त्याग भावना कम होती जा रही है। [5 अंक] - कविता के
प्रति लगाव के बाद लेखक की अकेलेपन की धारणा कैसे बदल गई? ‘जूझ’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए। - उत्तर: ‘जूझ’ पाठ में लेखक ने बताया कि
पहले वह अकेलेपन से परेशान रहता था, लेकिन कविता के प्रति लगाव के बाद यह धारणा बदल गई।
पहले उसे खेतों में काम करते समय अकेलापन खलता था, लेकिन कविता में रचनात्मकता पाकर
वह अकेलेपन का आनंद लेने लगा। अब वह खेतों में काम करते समय भी कविता लिखता, गुनगुनाता और खुश रहता है। अकेलेपन
ने अब उसे सृजनात्मक रूप से प्रेरित किया। [5 अंक] - यदि आप
पर्यटक के रूप में मोहनजोदड़ो जाएँ तो आप क्या-क्या देख सकते हैं? ‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के आधार पर
लिखें। - उत्तर: यदि मैं पर्यटक
के रूप में मोहनजोदड़ो जाऊँ, तो मैं वहाँ कई ऐतिहासिक धरोहरें देख सकता हूँ। वहाँ
विशाल स्नानागार, बौद्ध स्तूप, अन्न भंडार, और विशाल कंक्रीट की पक्की नालियाँ
मिलेंगी। वहाँ के अजायबघर में कई प्राचीन वस्तुएँ देखने को मिलती हैं, जो उस समय की सभ्यता और जीवन शैली
को दर्शाती हैं। मोहनजोदड़ो का यह पुरातात्विक स्थल अपने आप में इतिहास की
अनमोल धरोहर है। [5 अंक]