CBSE Class 12 इतिहास History Paper 2024 Solved in Hindi with Concept Map and Detailed Solutions

 

CBSE Class 12 History इतिहास
Paper 2024: Concept Map, MCQs, Short & Long
Answers, Source-Based, Map Questions on Harappan Culture, Revolt of 1857 Solved in Hindi 

CBSE Class 12 इतिहास
History  Paper 2024 with Concept Map and
Detailed Solutions | Solved in Hindi

HISTORY इतिहास

सीबीएसई कक्षा 12
हल
प्रश्नपत्र
2024 QP Code 61/5/3

समय सीमा:
3 घंटे अधिकतम अंक: 80


सामान्य निर्देश:

  1. इस प्रश्न पत्र में 34 प्रश्न हैं।
  2. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  3. प्रश्न पत्र पाँच खंडों में विभाजित है:
    खंड
    A, B, C, D, और E
  4. खंड A में बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) हैं।
  5. खंड B में लघु उत्तरीय प्रश्न हैं।
  6. खंड C में दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं।
  7. खंड D में स्रोत आधारित प्रश्न हैं।
  8. खंड E एक मानचित्र आधारित प्रश्न है।
  9. कुछ प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए
    हैं।

 


Section A – Multiple Choice Questions (MCQs)

  • Q1-Q21: Each question carries 1 mark.

Section B – Short Answer Questions

  • Q22-Q27: Each question carries 3 marks.
    Answer in 60-80 words.

Section C – Long Answer Questions

  • Q28-Q30: Each question carries 8 marks.
    Answer in 300-350 words.

Section D – Source-Based Questions

  • Q31-Q33: Each question carries 4 marks.

Section E – Map-Based Question

  • Q34: The question carries 5 marks.
    Attach the map with the answer-book.

 

Concept Map: History Paper Overview

Section A: Multiple Choice Questions (MCQs)

  • Total Questions: 21
  • Marks: 1 mark each
  • Topics Covered:
    1. Archaeological Survey of India
      (ASI) Directors
      भारतीय
      पुरातात्विक सर्वेक्षण (
      ASI) के निदेशक
    2. Harappan Culture and Sites
      हड़प्पा
      संस्कृति और स्थल
    3. Revolt of 1857 Leaders
      1857
      के विद्रोह
      के नेता
    4. Mughal and British History
      मुग़ल और
      ब्रिटिश इतिहास
    5. Indian National Movement
      भारतीय
      राष्ट्रीय आंदोलन


Section B: Short Answer Questions

  • Total Questions: 6
  • Marks per Question: 3 marks
  • Key Topics:
    • Harappan Strategies & Diet:
      हड़प्पा की
      रणनीतियाँ और आहार
    • Mahabharata as a Dynamic Text:
      महाभारत एक
      गतिशील पाठ के रूप में
    • Virashaiva Tradition:
      वीरशैव
      परंपरा
    • Panchayats Income Sources in
      16th-17th Century:

      16
      वीं-17वीं शताब्दी में पंचायतों की आय के
      स्रोत
    • Revolt of 1857 & Suppression
      by British:

      1857
      का विद्रोह
      और ब्रिटिश दमन
    • Federalism in the Draft
      Constitution:

      मसौदा
      संविधान में संघवाद


Section C: Long Answer Questions

  • Total Questions: 3
  • Marks per Question: 8 marks
  • Key Topics:
    • Magadha as a Powerful Mahajanpada
      मगध एक
      शक्तिशाली महाजनपद के रूप में
    • Mauryan Empire as a Landmark in
      Indian History

      मौर्य
      साम्राज्य भारतीय इतिहास में मील का पत्थर
    • Salt Satyagraha & Quit India
      Movement

      नमक
      सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन
    • Rise and Decline of Vijayanagar
      Empire

      विजयनगर
      साम्राज्य का उदय और पतन
    • Vijayanagar Fortifications
      विजयनगर की
      किलेबंदी


Section D: Source-Based Questions

  • Total Questions: 3
  • Marks per Question: 4 marks
  • Key Topics:
    • Ryot Petition Against
      Moneylenders:

      साहूकारों
      के खिलाफ रैयत की याचिका
    • Al-Biruni’s Observations on
      Sanskrit:

      अल-बिरूनी
      द्वारा संस्कृत पर टिप्पणियाँ
    • Buddhism in Practice:
      बौद्ध धर्म
      का अभ्यास


Section E: Map-Based Questions

  • Total Questions: 1
  • Marks: 5 marks
  • Key Locations:
    • Harappan Sites (Banawali):
      हड़प्पा
      स्थल (बनावली)
    • Buddhist Sites (Bharhut):
      बौद्ध स्थल
      (भरहुत)
    • Mughal Territories (Agra/Delhi):
      मुग़ल
      क्षेत्र (आगरा/दिल्ली)
    • Centers of Indian National
      Movement (Ahmedabad, Amritsar):

      भारतीय
      राष्ट्रीय आंदोलन के केंद्र (अहमदाबाद
      , अमृतसर)

खंड Aबहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

  • Q1-Q21: प्रत्येक
    प्रश्न
    1 अंक का है।

प्रश्न 1-21 (MCQs):

1. इनमें से कौन एक पूर्व सेना
अधिकारी थे और भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (
ASI) के महानिदेशक के रूप में
कार्यरत थे
?

(A) जॉन मार्शल
(B) एलेक्ज़ेंडर कनिंघम
(C) आर. डी. बनर्जी
(D) आर. ई. एम. व्हीलर

उत्तर:
(B) एलेक्ज़ेंडर कनिंघम


2. निम्नलिखित चित्र की पहचान
करें:

(A) सुल्तान जहान बेगम
(B) शाहजहां बेगम
(C) जहांआरा बेगम
(D) रुकसर बेगम

उत्तर:
(B) शाहजहां बेगम

दृष्टिबाधित
उम्मीदवारों के लिए प्रश्न:

सांची स्तूप किस राज्य
में स्थित है
?
(A) उत्तर प्रदेश
(B) मध्य प्रदेश
(C) अरुणाचल प्रदेश
(D) आंध्र प्रदेश

उत्तर:
(B) मध्य प्रदेश


3. हड़प्पा संस्कृति के बारे
में सही कथन कौन सा है
?

(A) अधिकांश हड़प्पा स्थल
अर्ध-शुष्क भूमि में स्थित थे।

(B) हड़प्पा स्थलों पर
कृषि के लिए सिंचाई की आवश्यकता नहीं थी।

(C) हड़प्पा स्थलों पर
नहरों का कोई संकेत नहीं मिला है।

(D) हड़प्पा स्थलों पर
लोहे की नोक वाले हल का प्रयोग किया जाता था।

उत्तर:
(C) हड़प्पा स्थलों पर
नहरों का कोई संकेत नहीं मिला है।


4. हड़प्पा लिपि के बारे में
कौन सा कथन सही नहीं है
?

(A) यह लिपि अब तक
अविवेचित है।

(B) यह लिपि बाएँ से दाएँ
लिखी जाती थी।

(C) यह वर्णमाला नहीं थी।
(D) इसमें 375 से 400 तक संकेत हैं।

उत्तर:
(B) यह लिपि बाएँ से दाएँ
लिखी जाती थी।


5. ____________ की प्रथा का अर्थ है एक
व्यक्ति की कई पत्नियाँ।

(A) बहिर्विवाह
(B) अंतर्विवाह
(C) बहुपत्नीत्व
(D) बहुपुरुषत्व

उत्तर:
(C) बहुपत्नीत्व


6. निम्नलिखित कथन पढ़ें और
सही उत्तर का चयन करें:

कथन (A):
आठवीं शताब्दी में
कैलाशनाथ मंदिर को पर्वत से तराश कर बनाया गया था।

कारण (R):
सम्राट अशोक ने
मंदिरों की तरह दिखने वाली कृत्रिम गुफाओं को पर्वतों में तराशने का आदेश दिया था।

विकल्प:
(A) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R) (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(B) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R) (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(C) (A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
(D) (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।

उत्तर:
(C) (A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।


7. निम्नलिखित जानकारी की
सहायता से मध्यकालीन यात्री की पहचान करें:

  • उसने भारत आने से पहले 1332-33 ई. में मक्का की तीर्थ यात्रा की थी।
  • दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने
    उसे दिल्ली का काज़ी नियुक्त किया था।

    विकल्प:
    (A) अब्द-उल-रज्जाक
    (B) अल-बिरूनी
    (C) इब्न बतूता
    (D) सईदी अली रईस

उत्तर:
(C) इब्न बतूता


8. निम्नलिखित को कालानुक्रमिक
क्रम में व्यवस्थित करें और सही विकल्प चुनें:

I. अशोक का शासन
II. सिकंदर का आक्रमण
III. गुप्त वंश का शासन
IV. कर्नाटक में
चालुक्यों का उदय

विकल्प:
(A) I, III, II और IV
(B) IV, II, I और III
(C) II, I, III और IV
(D) III, IV, II और
I

उत्तर:
(C) II, I, III और IV


9. निम्नलिखित में से किस सिख
गुरु ने
आदि ग्रंथ साहिबसंकलित किया?

(A) गुरु नानक देव जी
(B) गुरु अर्जुन देव जी
(C) गुरु हरगोबिंद साहिब
जी

(D) गुरु गोबिंद सिंह जी

उत्तर:
(B) गुरु अर्जुन देव जी


10. निम्नलिखित जानकारी के आधार
पर शेख सलीम चिश्ती की दरगाह का सही स्थान चुनें:

  • यह शेख सलीम चिश्ती की दरगाह है।
  • अकबर ने इस दरगाह का कई बार दौरा किया था।
    विकल्प:
    (A) अजमेर
    (B) दिल्ली
    (C) आगरा
    (D) फतेहपुर सीकरी

उत्तर:
(D) फतेहपुर सीकरी


11. निम्नलिखित में से कौन सा
कथन मुग़ल ग्रामीण समाज का सही विवरण देता है
?

ग्रामीण – लोग |
व्यवसाय
(A) राययत – नाविक
(B) मल्लाह – बैंकर
(C) श्रोफ – किसान
(D) मनसबदार –
सैन्य-नौकरशाह

उत्तर:
(D) मनसबदार –
सैन्य-नौकरशाह


12. कॉलम-I को कॉलम-II से मिलाएँ और सही विकल्प
चुनें:

कॉलम-I
(
मंदिर)
| कॉलम-II
(
क्षेत्र)
I. बृहदेश्वर |
A. विजयनगर
II. चन्नकेश्वर |
B. तंजावुर
III. हज़ारा राम |
C. तमिलनाडु
IV. चिदंबरम | D. बेलूर
विकल्प:
(A) C, B, D, A
(B) A, C, B, B
(C) B, D, A, C
(D) D, A, C, B

उत्तर:
(C) B, D, A, C


13. निम्नलिखित जानकारी के आधार
पर
16वीं और 17वीं शताब्दी की आदिवासी
जनजाति की पहचान करें:

  • असम में ये आदिवासी प्रमुख राजा बने।
  • वे भूमि के बदले में सैन्य सेवा प्रदान
    करते थे।
  • उन्होंने जंगली जानवरों को पकड़ने पर अपना
    एकाधिकार घोषित किया।

    विकल्प:
    (A) लोहानी जनजाति
    (B) संथाल जनजाति
    (C) अहोम जनजाति
    (D) मुंडा जनजाति

उत्तर:
(C) अहोम जनजाति


14. बंगाल में स्थायी बंदोबस्त
को लागू करने का अंग्रेजों का मुख्य उद्देश्य क्या था
? निम्नलिखित में से सबसे
उपयुक्त विकल्प चुनें:

(A) क्षेत्र के किसानों
को सशक्त बनाना।

(B) क्षेत्र में भूमि
स्वामित्व को समाप्त करना।

(C) जोतदारों की कृषि
उत्पादकता को बढ़ाना।

(D) ब्रिटिश सरकार को
वित्तीय स्थिरता प्रदान करना।

उत्तर:
(D) ब्रिटिश सरकार को
वित्तीय स्थिरता प्रदान करना।


15. वीरशैव परंपरा के बारे में
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनें:

(A) यह परंपरा कर्नाटक
में उत्पन्न हुई।

(B) वे विष्णु के अनुयायी
हैं।

(C) वे पुनर्जन्म के
सिद्धांत में विश्वास करते थे।

(D) वे अंतिम संस्कार के
अनुष्ठानों का पालन करते हैं।

उत्तर:
(A) यह परंपरा कर्नाटक
में उत्पन्न हुई।


16. निम्नलिखित में से कौन
बिहार क्षेत्र से
1857 के विद्रोह के नेता थे?

(A) शाहमल
(B) कुँवर सिंह
(C) गोनू
(D) नाना साहेब

उत्तर:
(B) कुँवर सिंह


17. निम्नलिखित में से किस
स्थान पर
10 मई 1857 को विद्रोह भड़का?

(A) बैरकपुर
(B) दिल्ली
(C) मेरठ छावनी
(D) लखनऊ

उत्तर:
(C) मेरठ छावनी


18. भारतीय संविधान सभा में
किसने प्रस्ताव रखा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तीन रंगों का हो – केसरिया
, सफेद, और हरा, जिसमें केंद्र में नीले रंग
का चक्र हो
?

(A) वल्लभभाई पटेल
(B) राजेंद्र प्रसाद
(C) बी. आर. अम्बेडकर
(D) जवाहरलाल नेहरू

उत्तर:
(D) जवाहरलाल नेहरू


19. निम्नलिखित जानकारी की
सहायता से संविधान सभा के सदस्य की पहचान करें:

(i) वह संविधान मसौदा
समिति के सदस्य थे।

(ii) वह एक वकील थे।
(iii) उन्होंने संविधान के
निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

(iv) वह मद्रास (चेन्नई)
से थे।

(A) बी. एन. राव
(B) के. एम. मुंशी
(C) अल्लादी कृष्णस्वामी
अय्यर

(D) एस. एन. मुखर्जी

उत्तर:
(C) अल्लादी कृष्णस्वामी
अय्यर


20. ‘लाल-बाल-पालने 1905-1907 के दौरान किस आंदोलन को
अखिल भारतीय संघर्ष का रूप दिया
?

(A) गदर आंदोलन
(B) स्वदेशी आंदोलन
(C) सत्याग्रह आंदोलन
(D) किसान आंदोलन

उत्तर:
(B) स्वदेशी आंदोलन


21. निम्नलिखित में से किसने
अवध राज्य के बारे में यह पंक्ति कही: “एक चेरी जो एक दिन हमारे मुँह में गिर
जाएगी”
?

(A) लॉर्ड कॉर्नवालिस
(B) लॉर्ड वेलेजली
(C) लॉर्ड डलहौज़ी
(D) लॉर्ड कैनिंग

उत्तर:
(C) लॉर्ड डलहौज़ी


खंड B – लघु उत्तरीय प्रश्न
[6 × 3 = 18 अंक]

22. (a) हड़प्पावासियों द्वारा अपने
शिल्प उत्पादन के लिए कच्चा माल प्राप्त करने के लिए अपनाई गई रणनीतियों की
व्याख्या करें।

उत्तर:
हड़प्पावासियों ने
अपने शिल्प उत्पादन के लिए कच्चा माल प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित रणनीतियाँ
अपनाई:

  1. व्यापारिक संबंध: हड़प्पावासियों ने राजस्थान से
    तांबा
    , अफगानिस्तान से टिन, और गुजरात से कीमती पत्थरों जैसे कच्चे
    माल को प्राप्त करने के लिए व्यापारिक संबंध स्थापित किए।
  2. खनन: कुछ कच्चा माल स्थानीय रूप से उपलब्ध था,
    जैसे कि पत्थर, जिसे वे गहने और मोती बनाने के लिए उपयोग करते थे।
  3. प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग: हड़प्पावासी अपने आसपास के
    क्षेत्रों से मिट्टी और लकड़ी जैसे संसाधनों का उपयोग ईंटें और बर्तन बनाने
    के लिए करते थे।

वैकल्पिक:

22. (b) पुरातत्वविदों ने
हड़प्पावासियों के आहार संबंधी प्रथाओं का पुनर्निर्माण कैसे किया है
?

उत्तर:
पुरातत्वविदों ने
निम्नलिखित तरीकों से हड़प्पावासियों के आहार का पुनर्निर्माण किया:

  1. वनस्पति अवशेषों का विश्लेषण: गेहूं, जौ, मसूर, और चने के अवशेष मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ये फसलें उनके आहार का हिस्सा थीं।
  2. पशु अवशेष: गाय, भेड़, और बकरियों की हड्डियों के
    अवशेषों से यह पता चलता है कि ये पशु उनके भोजन के मुख्य स्रोत थे।
  3. पुरातात्विक खुदाई: अनाज भंडारों और कृषि औजारों के
    अवशेष भी उनकी कृषि आधारित जीवनशैली को दर्शाते हैं।

23. “महाभारत एक गतिशील पाठ
है।” इस कथन की व्याख्या करें।

उत्तर:
महाभारत को एक गतिशील
पाठ माना जाता है क्योंकि:

  1. विकसित प्रकृति: महाभारत का निर्माण एक बार में
    नहीं हुआ था
    , बल्कि सदियों के दौरान कई
    कहानियों और शिक्षाओं को शामिल करते हुए इसका विकास हुआ।
  2. कई परतें: इसमें कई स्तरों की व्याख्याएँ
    हैं
    , जिनमें दार्शनिक, नैतिक और धार्मिक शिक्षाएँ शामिल हैं।
  3. सांस्कृतिक महत्व: महाभारत सामाजिक, राजनीतिक, और सांस्कृतिक परिवर्तनों को दर्शाता है और आज भी विभिन्न
    संदर्भों में प्रासंगिक है।

24. वीरशैव परंपरा की प्रमुख
विशेषताओं की व्याख्या करें।

उत्तर:
वीरशैव परंपरा,
जिसे बसव द्वारा
कर्नाटक में स्थापित किया गया
, की
प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. अनुष्ठानों का अस्वीकार: इस परंपरा में जाति प्रथा और
    अनुष्ठानों का विरोध किया गया और शिव की भक्ति पर जोर दिया गया।
  2. समानता पर बल: वीरशैव सभी भक्तों के बीच समानता
    का समर्थन करते हैं
    , चाहे उनका जाति, धर्म या लिंग कुछ भी हो।
  3. काम की गरिमा: वीरशैव श्रम की महत्ता पर जोर
    देते हैं और उनके अनुयायी विभिन्न व्यवसायों में शामिल होते हुए एक साधारण
    जीवन जीते हैं।

25. सोलहवीं और सत्रहवीं
शताब्दी के दौरान पंचायतों की आय के प्रमुख स्रोतों की व्याख्या करें।

उत्तर:
सोलहवीं और सत्रहवीं
शताब्दी के दौरान पंचायतों के आय के मुख्य स्रोत निम्नलिखित थे:

  1. भूमि राजस्व: पंचायतें कृषि उपज का एक हिस्सा
    भूमि राजस्व के रूप में एकत्र करती थीं।
  2. जुर्माने और दंड: पंचायतें विवादों और अपराधों के
    लिए जुर्माने लगाती थीं
    , जो उनकी आय का एक महत्वपूर्ण
    स्रोत था।
  3. दान और स्वैच्छिक योगदान: गांव के लोग कभी-कभी धार्मिक और
    सामाजिक कार्यों के लिए पंचायतों को दान देते थे
    , जिससे पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती थी।

26. (a) अवध 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख
केंद्र क्यों बन गया
? व्याख्या करें।

उत्तर:
अवध 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख केंद्र
निम्नलिखित कारणों से बना:

  1. ब्रिटिश शासन द्वारा विलय:
    1856 में लॉर्ड डलहौज़ी ने अवध को लैप्स सिद्धांतके तहत ब्रिटिश साम्राज्य में विलय कर लिया, जिससे नवाब और स्थानीय शासकों में आक्रोश
    फैल गया।
  2. सेनाओं में असंतोष: अवध के सैनिक, जिन्हें ब्रिटिश सेना में भर्ती किया गया
    था
    , अपने वेतन, सुविधाओं और पदावनति के कारण असंतुष्ट थे।
  3. किसानों और जमींदारों का समर्थन: ब्रिटिश शासन के उच्च करों और
    कठोर नीतियों ने किसानों और जमींदारों को विद्रोह का समर्थन करने के लिए
    प्रेरित किया
    , क्योंकि उन्होंने अपनी भूमि और
    आजीविका खो दी थी।

वैकल्पिक:

26. (b) ब्रिटिशों ने 1857 के विद्रोह को कैसे दबाया? व्याख्या करें।

उत्तर:
ब्रिटिशों ने 1857
के विद्रोह को
निम्नलिखित तरीकों से दबाया:

  1. सैन्य बल का प्रयोग: ब्रिटिशों ने बड़ी संख्या में
    सेना तैनात की
    , जिनमें ब्रिटिश सैनिकों और अन्य
    उपनिवेशों से आने वाली सेना शामिल थी। उनकी बेहतर सैन्य तकनीक और हथियारों ने
    उन्हें विद्रोहियों को कुचलने में मदद की।
  2. फूट
    डालो और राज करो
    नीति: ब्रिटिशों ने भारतीय शासकों के बीच फूट
    डालने की नीति अपनाई। उन्होंने कुछ भारतीय रियासतों जैसे पंजाब
    , हैदराबाद के शासकों को अपनी ओर किया,
    जिससे विद्रोह कमजोर हुआ।
  3. कठोर दमन: ब्रिटिशों ने विद्रोहियों पर कठोर
    सजा दी
    , जिसमें सार्वजनिक फांसी, संपत्ति की जब्ती, और कई जगहों पर विद्रोहियों का नरसंहार
    शामिल था
    , ताकि भविष्य में कोई विद्रोह न हो
    सके।

27. संविधान के मसौदे में
संघवाद के मुद्दे पर तीन सूचियों का प्रावधान किया गया था। उदाहरण सहित इस कथन की
व्याख्या करें।

उत्तर:
संविधान के मसौदे में
संघीय संरचना को ध्यान में रखते हुए तीन सूचियों का प्रावधान किया गया था:

  1. संघ सूची: इस सूची में राष्ट्रीय महत्व के
    विषय शामिल थे जैसे रक्षा
    , विदेश नीति, और परमाणु ऊर्जा। इन विषयों पर केवल
    केंद्र सरकार कानून बना सकती थी।
    • उदाहरण: सेना, विदेश नीति।
  2. राज्य सूची: इस सूची में स्थानीय महत्व के
    विषय जैसे पुलिस
    , सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृषि
    शामिल थे। इन पर राज्य सरकारें कानून बना सकती थीं।
    • उदाहरण: पुलिस व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं।
  3. समवर्ती सूची: इसमें ऐसे विषय शामिल थे जिन पर
    केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते थे
    , जैसे शिक्षा, विवाह, और दिवालियापन।
    • उदाहरण: शिक्षा, मजदूर कानून।

खंड C – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
[3 × 8 = 24 अंक]


28. (a) “मगध छठी
से चौथी शताब्दी ईसा पूर्व के बीच सबसे शक्तिशाली महाजनपद बन गया।” इस कथन को उचित
ठहराइए।

उत्तर:
मगध छठी से चौथी
शताब्दी ईसा पूर्व के बीच सबसे शक्तिशाली महाजनपद निम्नलिखित कारणों से बना:

  1. भौगोलिक स्थिति: मगध गंगा नदी के किनारे स्थित था,
    जिससे इसे उपजाऊ भूमि, जल आपूर्ति और व्यापार मार्गों का लाभ
    मिला।
  2. प्राकृतिक संसाधन: मगध में लोहा जैसे खनिजों की
    प्रचुरता थी
    , जिससे हथियार और कृषि उपकरण बनाने
    में मदद मिली। इससे मगध की सेना और कृषि व्यवस्था मजबूत हुई।
  3. मजबूत शासक: बिम्बिसार और अजातशत्रु जैसे
    शासकों ने विवाह संबंधों और विजय अभियानों के माध्यम से मगध का विस्तार किया
    और इसे सबसे प्रभावशाली महाजनपद बना दिया।
  4. सैन्य नवाचार: मगध ने युद्ध हाथियों और घेराबंदी
    तकनीकों का इस्तेमाल किया
    , जिससे अन्य महाजनपदों पर विजय
    पाना आसान हो गया।
  5. राजनीतिक विस्तार: मगध ने अपने आसपास के कमजोर
    राज्यों को अपने अधीन कर लिया और यह क्षेत्रीय साम्राज्य का केंद्र बन गया
    ,
    जो आगे चलकर मौर्य साम्राज्य का हिस्सा
    बना।

वैकल्पिक:

28. (b) “मौर्य
साम्राज्य को भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है।”
इस कथन को उचित ठहराइए।

उत्तर:
मौर्य साम्राज्य को
भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर निम्नलिखित कारणों से माना जाता है:

  1. भारत का राजनीतिक एकीकरण: मौर्य साम्राज्य ने पहली बार एक
    विशाल भूभाग को एकीकृत किया
    , जो
    हिमालय से लेकर दक्षिण तक फैला हुआ था।
  2. प्रशासनिक व्यवस्था: चंद्रगुप्त मौर्य और बाद में अशोक
    ने एक संगठित और केंद्रीकृत प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की
    , जिसमें प्रांतों का संचालन राज्यपालों
    द्वारा किया जाता था।
  3. आर्थिक समृद्धि: साम्राज्य की आर्थिक प्रगति
    व्यापार मार्गों के विकास
    , कृषि में सुधार और एक मानक मुद्रा
    के इस्तेमाल से सुनिश्चित की गई।
  4. बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक के बौद्ध धर्म अपनाने के बाद
    उन्होंने धर्म का प्रचार किया
    , जिससे
    बौद्ध धर्म न केवल भारत में
    , बल्कि
    पूरे एशिया में फैल गया।
  5. वास्तुकला में योगदान: मौर्य काल में महान स्तूपों,
    स्तंभों और पाटलिपुत्र जैसे नगरों का
    निर्माण हुआ
    , जो स्थापत्य कला की महानता को
    दर्शाते हैं।
  6. साम्राज्य की विरासत: मौर्य साम्राज्य का प्रशासनिक और
    सांस्कृतिक मॉडल आने वाले कई साम्राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बना।

29. (a) महात्मा गांधी द्वारा नमक सत्याग्रह शुरू करने
के पीछे के कारणों की व्याख्या करें और यह आंदोलन इतना महत्वपूर्ण क्यों बन गया
?

उत्तर:
महात्मा गांधी द्वारा
नमक सत्याग्रह शुरू करने के पीछे निम्नलिखित कारण थे:

  1. ब्रिटिश उत्पीड़न का प्रतीक: नमक, जो हर व्यक्ति की आवश्यकता थी, पर ब्रिटिशों ने एकाधिकार कर लिया था और भारी कर लगाया था। यह
    अन्यायपूर्ण कर व्यवस्था का प्रतीक बन गया।
  2. समाज के हर वर्ग को प्रभावित करने वाला
    मुद्दा:
    नमक एक ऐसा मुद्दा था जो सभी वर्गों के लोगों को प्रभावित करता
    था
    , चाहे वे अमीर हों या गरीब। इससे
    समाज के हर वर्ग के लोग इस आंदोलन में शामिल हो गए।
  3. अहिंसक प्रतिरोध का माध्यम: गांधीजी ने सत्याग्रह के रूप में
    नमक आंदोलन का चयन किया
    , जिससे अहिंसक नागरिक अवज्ञा के
    माध्यम से विरोध किया जा सके।

यह आंदोलन महत्वपूर्ण
इस प्रकार बना:

  1. जनभागीदारी: नमक सत्याग्रह में पूरे भारत से
    लोग शामिल हुए। हजारों लोगों ने नमक बनाया और कानून का उल्लंघन किया
    , जिसके परिणामस्वरूप वे गिरफ्तार हुए।
  2. वैश्विक ध्यान: यह आंदोलन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर
    ध्यान आकर्षित करने में सफल रहा
    , जिससे
    भारत की स्वतंत्रता की मांग को विश्वभर में समर्थन मिला।
  3. राष्ट्रवाद की भावना को बल: इस आंदोलन ने पूरे देश में
    राष्ट्रीयता की भावना को प्रबल किया और लोगों में ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकता
    का भाव पैदा किया।

वैकल्पिक:

29. (b) ‘भारत
छोड़ो आंदोलन
को एक
जन आंदोलन क्यों माना जाता है
?

उत्तर:
भारत छोड़ो आंदोलन
एक जन आंदोलन इस
प्रकार था:

  1. तत्काल स्वतंत्रता की मांग: गांधीजी ने ब्रिटिशों को भारत छोड़ोका आह्वान किया, जिससे
    जनता में स्वतंत्रता के प्रति तत्काल इच्छा जागृत हुई और उन्होंने ब्रिटिश
    शासन का विरोध शुरू किया।
  2. जनभागीदारी: इस आंदोलन में किसान, मजदूर, छात्र और महिलाएं सभी शामिल हुए। हर वर्ग के लोगों ने सड़कों पर
    प्रदर्शन
    , हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किए।
  3. नेतृत्व की अनुपस्थिति में जन नेतृत्व: आंदोलन के दौरान गांधीजी और अन्य
    प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद
    , यह आंदोलन जनता द्वारा स्वतः संचालित हुआ और गाँवों, कस्बों और शहरों में विद्रोह हुआ।
  4. हिंसक और अहिंसक विरोध: यद्यपि गांधीजी ने अहिंसा की
    वकालत की
    , लेकिन कुछ जगहों पर हिंसक घटनाएँ
    भी हुईं
    , जिसमें रेलवे लाइनों को नष्ट करना
    और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमला शामिल था।
  5. देशव्यापी आंदोलन: यह आंदोलन देश के ग्रामीण और शहरी
    दोनों क्षेत्रों में फैल गया और लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ व्यापक विरोध
    किया।

30. (a) विजयनगर साम्राज्य के उदय और पतन के प्रमुख
कारणों की व्याख्या करें।

उत्तर:
विजयनगर साम्राज्य का
उदय और पतन निम्नलिखित कारणों से हुआ:

उदय के कारण:

  1. रणनीतिक स्थिति: विजयनगर साम्राज्य तुंगभद्रा नदी
    और पहाड़ियों से घिरा हुआ था
    , जिससे
    यह प्राकृतिक रूप से सुरक्षित था और हमलों से बचा रहता था।
  2. मजबूत नेतृत्व: हरिहर I और बुक्का I जैसे शासकों ने मजबूत नेतृत्व
    प्रदान किया
    , स्थानीय सरदारों के साथ गठबंधन
    करके राज्य का विस्तार किया और एक संगठित प्रशासनिक ढांचा विकसित किया।
  3. सांस्कृतिक समृद्धि: विजयनगर दक्षिण भारतीय संस्कृति
    का केंद्र बन गया
    , जहाँ मंदिर निर्माण, कला, और साहित्य का विकास हुआ।
  4. सैन्य शक्ति: विजयनगर के पास एक शक्तिशाली सेना
    थी
    , जिसमें घुड़सवार सेना और युद्ध
    हाथियों का प्रयोग होता था। इसने विशेष रूप से बहमनी सल्तनत और दक्कन की अन्य
    शक्तियों से लड़ाई में इसे सैन्य लाभ दिया।

पतन के कारण:

  1. अति विस्तार: विजयनगर साम्राज्य का तेजी से
    विस्तार हुआ
    , जिससे प्रशासनिक और सैन्य चुनौती
    उत्पन्न हुई। दूरस्थ क्षेत्रों को नियंत्रित करना कठिन हो गया।
  2. तालीकोटा की लड़ाई (1565): दक्कन
    की सल्तनतों के संयुक्त हमले में विजयनगर की सेना हार गई
    , जिसके परिणामस्वरूप राजधानी को नष्ट कर
    दिया गया और साम्राज्य का पतन हो गया।
  3. आंतरिक संघर्ष: शासकों के बीच आंतरिक कलह और
    राजनैतिक अस्थिरता ने साम्राज्य को कमजोर कर दिया।
  4. व्यापार का पतन: यूरोपीय उपनिवेशवादी शक्तियों के
    उदय से व्यापार मार्गों में बदलाव आया
    , जिससे विजयनगर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई।

वैकल्पिक:

30. (b) विजयनगर साम्राज्य की किलेबंदी के विशिष्ट
पहलुओं की व्याख्या करें।

उत्तर:
विजयनगर साम्राज्य की
किलेबंदी के निम्नलिखित विशिष्ट पहलू थे:

  1. विशाल दीवारें और कई परतें: विजयनगर की राजधानी को विशाल
    दीवारों से घेरा गया था। ये दीवारें कई परतों में थीं
    , जो नगर को हमलों से बचाने के लिए बनाई गई
    थीं। इनकी बनावट प्राकृतिक भू-आकृतियों के अनुसार थी
    , जिससे आक्रमण करना कठिन हो जाता था।
  2. ग्रेनाइट ब्लॉक और पहरेदारी मीनारें: किले की दीवारें बड़े-बड़े
    ग्रेनाइट ब्लॉकों से बनाई गई थीं
    , और
    इनमें निगरानी के लिए मीनारें भी बनाई गई थीं
    , ताकि आस-पास के क्षेत्रों पर नज़र रखी जा सके।
  3. खाई और जल संरचनाएँ: किले के चारों ओर जल से भरी
    खाइयाँ थीं
    , जो दुश्मनों के लिए अतिरिक्त बाधा
    उत्पन्न करती थीं। पानी की ये संरचनाएँ किलेबंदी की रणनीति का एक महत्वपूर्ण
    हिस्सा थीं।
  4. कृषि भूमि का समावेश: विजयनगर की किलेबंदी में कृषि
    भूमि भी शामिल थी
    , जिससे लंबी घेराबंदी के दौरान नगर
    की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
  5. सैन्य रणनीति: किले का प्रवेश द्वार संकरा और
    घुमावदार था
    , जिससे दुश्मन के सैनिक तेजी से
    अंदर प्रवेश नहीं कर सकते थे। इस प्रकार की बनावट आक्रमण के समय नगर को
    सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई थी।

खंड D – स्रोत आधारित प्रश्न
[3 × 4 = 12 अंक]

31. निम्नलिखित स्रोत को पढ़ें
और उसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें:

एक रैयत की याचिका
यह याचिका मिराजगांव,
तालुका करजत, अहमदनगर के एक रैयत की दक्कन दंगों की
आयोग को की गई याचिका का उदाहरण है:

साहूकार…
हमें अब अधिक दबाव में डालने लगे हैं। हम अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए
उन्हें पैसे
,
कपड़े
और अनाज देने के लिए भीख मांगने को मजबूर हैं। वे हमें बिना किसी कठिनाई के ऋण
नहीं देते हैं और कड़ी शर्तें लागू करते हैं। आवश्यक कपड़े और अनाज हमें नकद दरों
पर नहीं बेचे जाते
,
बल्कि
25%
या
50%
अधिक
दर पर बेचे जाते हैं। हमारे खेतों की उपज भी साहूकार ले लेते हैं और इसका कोई
लेखा-जोखा नहीं बनाते
,
ना
ही कोई रसीद देते हैं।”

31.1 साहूकारों ने रैयतों का किस
प्रकार शोषण किया
? (1 अंक)

उत्तर:
साहूकारों ने रैयतों
का शोषण इस प्रकार किया:

  1. आवश्यक वस्त्र और अनाज के लिए बहुत अधिक
    कीमतें वसूलना।
  2. रैयतों को ऋण प्राप्त करने के लिए कड़ी
    शर्तों को मानने के लिए मजबूर करना।
  3. फसल का उत्पादन लेकर उसे खाते में दर्ज न
    करना और रसीद न देना।
31.2 साहूकार फसल क्यों ले जाते
थे
? (1 अंक)

उत्तर:
साहूकार रैयतों से ऋण
के बदले में फसल लेते थे
, लेकिन
उन्होंने फसल को खातों में दर्ज नहीं किया और न ही कोई रसीद दी
, जिससे रैयत और अधिक कर्ज में डूब जाते
थे।

31.3 रैयतवाड़ी व्यवस्था की दो
विशेषताएँ बताएं। (
2 अंक)

उत्तर:

  1. प्रत्यक्ष राजस्व संग्रह: रैयतवाड़ी व्यवस्था में सरकार
    सीधे रैयत (किसानों) से भूमि कर एकत्रित करती थी। इस व्यवस्था में कोई
    मध्यस्थ नहीं था।
  2. परिवर्तनीय कराधान: कर की दर भूमि की गुणवत्ता और
    अपेक्षित उत्पादन पर निर्भर करती थी
    , जो समय-समय पर बदल सकती थी। इससे किसानों में अनिश्चितता बनी
    रहती थी।

32. निम्नलिखित स्रोत को
ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें:

अल-बिरूनी द्वारा संस्कृत
की व्याख्या

यदि
आप इस कठिनाई (संस्कृत सीखने) को जीतना चाहते हैं
,
तो यह आसान नहीं होगा, क्योंकि यह भाषा व्यापक है। संस्कृत में
कई शब्द और उनके विभिन्न रूप हैं
,
जैसे अरबी में। एक ही वस्तु को विभिन्न
मूल और व्युत्पन्न नामों से पुकारा जाता है। कई बार एक ही शब्द विभिन्न विषयों के
लिए उपयोग किया जाता है
,
जिसे
सही तरीके से समझने के लिए विभिन्न विशेषणों से विभाजित करना आवश्यक है।”

32.1 अल-बिरूनी को संस्कृत सीखने
के लिए क्या प्रेरित किया
? (1 अंक)

उत्तर:
अल-बिरूनी संस्कृत
सीखने के लिए इसलिए प्रेरित हुए ताकि वे भारतीय संस्कृति
, धर्म और समाज को बेहतर ढंग से समझ सकें।
वे धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहते थे जो संस्कृत में लिखे गए
थे।

32.2 अल-बिरूनी के संस्कृत के
अध्ययन से किस प्रकार सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिला
? (1 अंक)

उत्तर:
अल-बिरूनी के संस्कृत
के अध्ययन ने भारतीय और इस्लामी सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा दिया।
उन्होंने संस्कृत ग्रंथों का अरबी में अनुवाद किया
, जिससे इस्लामी दुनिया के विद्वान भारतीय
ज्ञान को समझने में सक्षम हुए और सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुआ।

32.3 अल-बिरूनी ने संस्कृत की
तुलना अरबी से किस प्रकार की
? (2 अंक)

उत्तर:
अल-बिरूनी ने संस्कृत
की तुलना अरबी से की और पाया कि दोनों भाषाओं में शब्दों और उनके रूपों की
व्यापकता है। दोनों भाषाओं में एक ही वस्तु के लिए कई नाम होते हैं और एक ही शब्द
के विभिन्न अर्थ हो सकते हैं
, जिन्हें
उचित संदर्भ में समझने की आवश्यकता होती है।


33. निम्नलिखित स्रोत को
ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें:

बौद्ध धर्म का अभ्यास
यह सुत्त
पिटक
का
एक अंश है
, जिसमें
बुद्ध ने सिगाला नामक एक धनी गृहस्थ को सलाह दी:

गृहस्थ
को अपने सेवकों और कर्मचारियों की पांच प्रकार से देखभाल करनी चाहिए: उन्हें उनकी
शक्ति के अनुसार काम सौंपें
,
उन्हें भोजन और वेतन प्रदान करें, बीमार होने पर उनका उपचार करें, उन्हें स्वादिष्ट भोजन दें और समय-समय
पर अवकाश दें… गृहस्थों को साधुओं और ब्राह्मणों की पाँच प्रकार से देखभाल करनी
चाहिए: कार्य
,
वाणी
और विचार से स्नेह दिखाना
,
उन्हें खुला घर रखना और उनकी सांसारिक आवश्यकताओं को पूरा
करना।”

33.1 सुत्त पिटक का बौद्ध धर्म
में क्या महत्व है
? (1 अंक)

उत्तर:
सुत्त पिटक बौद्ध
धर्म के त्रिपिटक के तीन मुख्य भागों में से एक है। इसमें बुद्ध की शिक्षाएँ और
उपदेश शामिल हैं
, जो
नैतिक आचरण और आध्यात्मिक अभ्यास के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह
बौद्ध दर्शन और नैतिकता को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

33.2 बुद्ध ने धनी गृहस्थों को
मानवीय और नैतिक व्यवहार करने की सलाह किस प्रकार दी
? (1 अंक)

उत्तर:
बुद्ध ने धनी
गृहस्थों को अपने सेवकों और कर्मचारियों के साथ मानवीय और नैतिक व्यवहार करने की
सलाह दी। उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी शक्ति के अनुसार काम देना चाहिए
, उचित वेतन और भोजन प्रदान करना चाहिए,
बीमारी में उनका
ख्याल रखना चाहिए
, और
समय-समय पर उन्हें अवकाश देना चाहिए। यह दया और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित था।

33.3 बुद्ध ने सिगाला को अपने
माता-पिता और शिक्षकों के साथ कैसा व्यवहार करने की सलाह दी
? (2 अंक)

उत्तर:
बुद्ध ने सिगाला को
अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ सम्मान और देखभाल से व्यवहार करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सिगाला को कार्य
, वाणी,
और विचार से अपने
माता-पिता और शिक्षकों के प्रति स्नेह और आदर दिखाना चाहिए
, उनकी आज्ञाओं का पालन करना चाहिए और
उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए।


खंड E – मानचित्र आधारित प्रश्न
[1 × 5 = 5 अंक]

34.1 दिए गए राजनीतिक मानचित्र
पर निम्नलिखित स्थानों को चिन्हित करें और उपयुक्त संकेतों के साथ लेबल करें:

(i) बनावली – एक परिपक्व
हड़प्पा स्थल (
1 अंक)
(ii) भरहुत – एक बौद्ध
स्थल (
1 अंक)
(iii) (a) आगरा – मुगलों के
नियंत्रण में एक क्षेत्र (
1 अंक)
या
(iii) (b) दिल्ली – मुगलों के
नियंत्रण में एक क्षेत्र (
1 अंक)

उत्तर:

  • (i) बनावली: हरियाणा के फतेहाबाद जिले में
    स्थित हड़प्पा काल का प्रमुख स्थल।
  • (ii) भरहुत: मध्य प्रदेश में स्थित, भरहुत अपने बौद्ध स्तूपों और मूर्तियों के
    लिए प्रसिद्ध है।
  • (iii) (a) आगरा: उत्तर प्रदेश में स्थित, आगरा मुगल साम्राज्य का प्रमुख शहर था।
  • (iii) (b) दिल्ली: दिल्ली उत्तर भारत में स्थित और मुगलों के
    शासन का प्रमुख केंद्र था।

34.2 उसी मानचित्र पर A और B के रूप में चिह्नित दो
स्थान भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के केंद्र हैं। उनकी पहचान करें और उनके सही नाम
उत्तर पुस्तिका में लिखें। (
2 अंक)

उत्तर:

  • Aअहमदाबाद: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का
    प्रमुख केंद्र
    , जहाँ गांधीजी द्वारा दांडी मार्च
    का नेतृत्व किया गया और स्वदेशी आंदोलन का आयोजन हुआ।
  • Bअमृतसर: जलियाँवाला बाग हत्याकांड (1919)
    के कारण भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का एक
    महत्वपूर्ण केंद्र।

दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के
लिए विकल्प:

34.1 हड़प्पा संस्कृति के दो स्थलों का उल्लेख करें। (2
अंक)
उत्तर:

  1. मोहनजो-दाड़ो: पाकिस्तान में स्थित, यह हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख शहर था,
    जो अपनी उन्नत नगर योजना और जल निकासी
    व्यवस्था के लिए जाना जाता है।
  2. धोलावीरा: गुजरात, भारत में स्थित, धोलावीरा
    अपने जल संरक्षण प्रणालियों और अद्वितीय शहर संरचना के लिए प्रसिद्ध है।

34.2 (a) मुगलों के नियंत्रण में एक क्षेत्र का उल्लेख करें। (1
अंक)
उत्तर:

  • आगरा: आगरा, उत्तर प्रदेश में स्थित, मुगलों का एक प्रमुख प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र था,
    जहाँ ताजमहल जैसी विश्व धरोहर स्थित है।

या

34.2 (b) विजयनगर साम्राज्य की राजधानी का नाम बताएं। (1
अंक)
उत्तर:

  • हम्पी: कर्नाटक में स्थित विजयनगर साम्राज्य की
    राजधानी
    , जो अपने भव्य मंदिरों और
    वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।

34.3 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दो केंद्रों का नाम बताएं। (2
अंक)
उत्तर:

  1. अहमदाबाद: महात्मा गांधी के नेतृत्व में यह
    स्थान दांडी मार्च और अन्य स्वतंत्रता आंदोलनों का केंद्र था।
  2. बॉम्बे (मुंबई): भारत छोड़ो आंदोलन और स्वतंत्रता
    संग्राम के दौरान बॉम्बे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र था।

 

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